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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के अनछुए क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए प्रदेश में आने वाले सैलानियों को इन क्षेत्रों की ओर आकर्षित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री आज यहां आयोजित पर्यटन विभाग की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर देश के मुख्य शहरों में होर्डिंग इत्यादि के माध्यम से व्यापक प्रचार कर अधिक से अधिक सैलानियों को प्रदेश में आने के लिए आकर्षित किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नए पर्यटन केंद्र विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के साथ ही साहसिक एवं धार्मिक पर्यटन पर ध्यान केन्द्रित करते हुए नए पर्यटन सर्किट स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने धार्मिक, साहसिक, सप्ताहांत, प्रकृति और जनजातीय पर्यटन के रूप में नए पर्यटन सर्किट विकसित किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।  
जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी में शिवधाम परियोजना का पहला चरण पूर्ण होने को है और यह मंडी शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक केंद्र होगा। उन्होंने कहा कि मण्डी जिला के जंजैहली में ईको टूरिज्म स्थल विकसित किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत टैªकिंग रूट का स्तरोन्नयन, नए विश्राम गृहों और दृश्य स्थलों का निर्माण, टेंट, वन विश्राम गृह और वन कुटीर का स्तरोन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाखली में नेचर पार्क भी बनकर तैयार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लारजी में 7 करोड़ रुपए लागत से दो दृष्य स्थलों, कैफेटेरिया और वाटर जैटीज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पौंग बांध के सौन्दर्यकरण और पर्यटन की दृष्टि से इसे विकसित करने पर 1.37 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत नौ कॉटेज और अन्य सौन्दर्यकरण के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार रोपवे विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि सोलंग, जाखू और धर्मशाला रोपवे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और यह तीनों पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आदी हिमानी चामुण्डा रोपवे, बिजली महादेव, पलचान-रोहतांग और श्री आनंदपुर सहिब-श्री नैनादवी जी रोपवे के निर्माण पर विचार कर रही है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिले के चांशल को शीतकालीन खेल गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक खरशाली झील के जीर्णाेद्धार, लरोट एवं मोरल डंडा में कैम्प साइट विकसित करने सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के निर्माण के लिए 5.31 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी जिले के कांगणीधार और शिमला में हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए रामपुर, बद्दी और सासे हेलीपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है।
प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने कहा कि जिन परियोजना का कार्य पूर्ण होने को है, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध पूर्ण कर लिया जाएगा। निदेशक पर्यटन एवं हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। उन्होंने विभाग की विभिन्न उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। 

By admin

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