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ऊना। ग्रामीण विकास, पंचायती राज व कृषि मंत्री ने कहा है कि डलहौजी का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर करने को लेकर वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात करेंगे। कंवर ने कहा कि नेताजी के जीवन का कुछ हिस्सा डलहौज़ी में गुजरा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस वर्ष 1937 में जब ब्रिटिश हुकूमत के अधीन आजादी की लड़ाई के चलते जेल में बंद थे, तो उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। ब्रिटिश सरकार ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें पैरोल पर रिहा किया था और उस समय वह स्वास्थ्य लाभ के लिए डलहौजी आए थे, इसलिए उनके नाम पर डलहौज़ी का नामकरण किया जाना उचित रहेगा। 

वीरेंद्र कंवर ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से नेताजी को उचित सम्मान मिलेगा, जिससे वह लंबे समय तक वंचित रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा शहीदों के नाम पर राजनीति करती आई है, लेकिन सिर्फ गांधी व नेहरू परिवार को छोड़कर बाकी किसी स्वतंत्रता सेनानी को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सभी को नेताजी की प्रतिमा लगाने के फैसले का खुले दिन से स्वागत करना चाहिए। 

By admin

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