शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में अब गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए कंट्रास्ट सीटी स्कैन में कंट्रास्ट इंजेक्शन की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। शरीर के किसी अंग में गंभीर बीमारी जांचने के लिए आमतौर पर कंट्रास्ट सीटी स्कैन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में मरीज को कंट्रास्ट (दवाई) इंजेक्शन के माध्यम से खून में दवाई डाली जाती है और इसके बाद बीमारी की जांच के लिए सिटी स्कैन करवाया जाता है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज और रेडियोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अनुपम जोबटा ने यह जानकारी दी।
डॉ. जनक राज ने कहा कि हालांकि अस्पताल में आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को यह सुविधा पहले से निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है, लेकिन प्रदेश सरकार ने कार्ड धारकों के अलावा अन्य मरीजों को लाभ पहुंचाने के लिए यह विशेष कदम उठाया है। सामान्य तौर पर मरीजों को इस इंजेक्शन के लिए मेडिकल दवाओं की दुकानों में दो हजार रुपए चुकाने होते हैं। ऐसे में मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि मरीजों पर पड़ रहा आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है।
उधर, रेडियोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अनुपम जोबटा ने बताया कि विभाग में आमतौर पर करीब 80 फीसदी मरीजों को साधारण सीटी स्कैन करवाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन 10 से 20 फीसदी मरीजों को कंट्रास्ट सिटी करवाने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से मरीजो को बहुत लाभ मिलेगा और इलाज में और मदद मिलेगी।
