शिमला। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के 82वें सम्मेलन को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अपनी तैयारियों को पूरा करने में जुटा है। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार सभी व्यवस्थाओं की खुद समीक्षा कर रहे हैं और जरूरी हिदायतें दे रहे हैं। 16 नवंबर से 19 नवंबर तक होने वाले इस सम्मेलन के लिए लोकसभा अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के चेयरमैन ओम बिड़ला 16 नवंबर को यहां पहुंच जाएंगे। सम्मेलन 17 नवंबर को सुबह शुरू होगा और इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने बुधवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि पीठासीन अधिकारियों के अतिरिक्त वैधानिक समितियों के सचिवों का 58वां सम्मेलन भी इस दौरान आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सभी राज्यों की विधानसभा के पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों की विधानसभा के उपाध्यक्ष व प्रधान सचिव/सचिव भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य विधान सभा से कुल 4 प्रतिनिधि (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव तथा एक वरिष्ठ अधिकारी) इस सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त लोकसभा व राज्य सभा सचिवालय के महा-सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे, जबकि हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव जो इस सम्मेलन से जुड़े है तथा विधान सभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में कुल मिलाकर 378 सदस्य हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश नारायण सिंह, प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री परिषद के सभी सदस्यगण, लोकसभा तथा राज्यसभा के महासचिव, राज्य विधान सभाओं के सचिव भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
विपिन परमार ने कहा कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का प्रथम सम्मेलन वर्ष 1921 में 15 व 16 सितम्बर को शिमला में आयोजित किया गया था। उसी को सुस्मरण करते हुए 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन को शताब्दी वर्ष 2021 में प्रदेश की राजधानी शिमला में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 1921, 1926, 1933, 1939, 1976 और 1997 में इसका आयोजन हुआ था और इस प्रकार अब यह सातवां सम्मेलन हो रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में लोकसभा सचिवालय सुनिश्चित करेगा कि किस-किस विषय पर चर्चा की जानी है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन लोकसभा की ओर से आयोजित हो रहा है। प्रदेश विधानसभा इस सम्मेलन का केवल आयोजक है। उनका कहना था कि सम्मेलन में विधायिका, कार्य पालिका और न्याय पालिका में मौजूदा समय में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा होगी।
