शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान पर हैरानी जताई है जिसमें उन्होंने प्रदेश के होटलों को कोविड-19 के लिए क्वारन्टीन डेस्टिनेशन व होटलों को इसके सेंटर बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश को देश के कोरोना प्रभावित लोगों को क्वारन्टीन सेंटर के तौर पर प्रस्तुत करना एक गलत ही नहीं, बल्कि प्रदेश के लिए खतरनाक निर्णय साबित हो सकता है।
राठौर ने मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस को सरकार का यह निर्णय किसी भी स्तर पर मंजूर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में किसी भी महामारी के लिए खुला न्योता होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर प्रदेश की स्थिति सरकार से अभी ही नहीं संभल रही है, कोविड डेस्टिनेशन से तो पूरे प्रदेश में ही इस महामारी का भयंकर खतरा उत्पन्न हो जाएगा, जो संभले नही संभल पाएगा।
राठौर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले चिन्ता का विषय है। सरकार इसे रोकने में कारगर साबित नहीं हो रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का प्रदेश में टूरिज़्म और होटल की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोविड-19 से प्रभावित लोगों को कोविड डेस्टिनेशन के तौर पर प्रस्तुत करना एक बड़ा जनविरोधी निर्णय साबित होगा।राठौर ने कहा कि उन्होंने इस बारे में होटलियर्स से चर्चा कर उनका मत भी जाना है। उनका कहना है कि वह न तो अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा से खेल सकते हैं, न ही अपने कर्मचारियों से ही और न ही प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य से। उनका साफ कहना है कि इस प्रकार का कोई भी निर्णय उन्हें किसी भी स्तर पर मंजूर नहीं होगा। उनका यह भी कहना है कि आखिर देश व प्रदेश कोरोना से लड़ रहा है। ऐसे में कोरोना संक्रमित लोगों को वह अपने प्रदेश व होटलों में कैसे ठहरा सकते हैं।
राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सलाह दी कि उन्हें प्रदेश की समस्याओं पर स्वयं मंथन कर उसकी व्यवहारिकता पर सोच समझकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश के लोगों को राहत देने के लिए केंद्र से विशेष आर्थिक मदद की मांग करनी चाहिए, न कि प्रदेश को कोविड डेस्टिनेशन बनाने की।
