बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन को देशभर में सेवा सप्ताह के रूप मनाया जा रहा है। इसके तहत खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने सोमवार को बिलासपुर जिले के भगेड़ स्थित अपराजिता बाल आश्रम में फल वितरित किए। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता पार्टी मंडल घुमारवीं ने किया था।
इसके उपरांत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनोल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान साफ सफाई तथा मरीजों को सरकार द्वारा प्रदान की जा रही योजनाओं का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। केंद्र सरकार गरीबों के लिए समर्पित सरकार है तथा सरकार द्वारा गरीबों के उत्थान के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है, जिसका लाभ आम जनमानस को मिल रहा है।
राजिंद्र गर्ग ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में कवर नहीं होने वाले प्रदेशवासियों के लिए राज्य सरकार ने हिमकेयर योजना चलाई है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में रह रहे उन लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारियों के लिए निःशुल्क इलाज सुविधा प्राप्त करवाना है जो आर्थिक तंगी के कारण अपना इलाज नहीं करवा पाते थे। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि अब कोरोना वायरस का इलाज हिमकेयर योजना से किया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से हर वर्ष किसानों के खातों में तीन किस्तों में 6 हजार रुपए डाले गए हैं।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को खाना पकाते समय चूल्हे के धुएं से छुटकारा दिलाने तथा पर्यावरण संरक्षण में हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत प्रदेश में 3 लाख 19 हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए है। उन्होंने बताया कि प्रदेश देशभर में पहला प्रदेश है जो धुआं मुक्त हुआ है। गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री का सपना है कि हर घर को पानी का कनेक्शन मिले और एक भी घर न छूटे। वहीं हर घर में नल द्वारा शुद्ध जल मिले और इसके लिए जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रदेश में 12 लाख पेयजल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं तथा घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
