सुंदरनगर। हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में ललित कला एवं सामाजिक विकास मंच द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अनुराधा जैन प्रधानाचार्य महावीर पब्लिक स्कूल सुंदरनगर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। ललित कला एवं सामाजिक विकास मंच प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन करता आया है। मंच के प्रधान सुनील कुमार ने वर्तमान में हिंदी की स्थिति पर अपने विचार प्रकट करते हुए राष्ट्रभाषा हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मंच का संचालन मंच के सचिव देवेंद्र शर्मा ने किया।
कवि सम्मेलन में मंडी जिले के बहुचर्चित अनुभवी कवियों ने भाग लिया। कवि सम्मेलन में लगभग 40 कवियों ने अपनी रचना पढ़ी और महावीर सभागार को काव्यमयी बना दिया। कवि सम्मेलन के इस विशेष अवसर पर आचार्य डॉ. पीसी कौंडल संपादक हिमखंड, व्यंग्य कवि सुरेंद्र मिश्रा, हास्य कवि रतन लाल शर्मा, कवि उत्तम चंद, लोक गायिका कृष्णा ठाकुर, पत्रकार भीम सिंह परदेशी, लोकेंद्र पाल व शर्मिला भारद्वाज, मंच के प्रधान सुनील कुमार, सचिव देवेंद्र शर्मा, सहसचिव हितेश शर्मा सहित बहुत से युवा कवि निखिल, जोगिंद्र, राजेंद्र, माणिक, दीपिका, शिवेन, तुषार, शीतल धीमान, परमिंदर कौर, शिवानी, मनीष, राहुल, सपना, सरिता, योगिता, पंकज, अंकुश, आदि बहुत से कवियों ने अपनी स्वराचित कविता पढ़कर हिंदी भाषा का सम्मान बढ़ाया।
मुख्यातिथि अनुराधा जैन ने अपने संदेश में सभी साहित्यकारों की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य ही एक ऐसी हमारे जीवन का आधार है और कविता हमारे मनोभावों को हमारी अनुभूतियों को व्यक्त करती है। ऐसी क्षमता यदि किसी में हैं तो वो हिंदी भाषा है क्योंकि हिंदी भाषा का साहित्य ही वास्तव में साहित्य है। उन्होंने कहा युवाओं का साहित्य के प्रति बढ़ता झुकाव यह सिद्ध करता है कि हर भारत के नागरिकों का हिंदी भाषा के प्रति कितना प्रेम है। यही सत्य है कि हिंदी ही हमारी राजभाषा होने का स्थान पा सकती है। इस मौके पर पार्षद कल्पना वर्मा, जिला लोक संपर्क अधिकारी बिलासपुर कुलदीप गुलेरिया, दिनेश गुप्ता, ललिता बांगिया, ललित कला एवं सामाजिक विकास मंच की उपप्रधान पूजा वालिया उपस्थित रहे।
