शिमला। हिमाचल किसान सभा 13 सितंबर को राज्यभर में प्रदर्शन करेगी। संयुक्त किसान मंच के बैनर तले सभी किसान-बागवान संगठन उस दिन हर जिला मुख्यालय, खण्ड एवं तहसील स्तर पर फल एवं सब्जियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग तथा इस वर्ष सेब के दामों में की गई भारी गिरावट को लेकर धरने-प्रदर्शन करेंगे। हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डाॅ. कुलदीप सिंह तंवर, राज्य महासचिव डाॅ ओंकार शाद, राज्य वित्त सचिव सत्यवान पुंडीर ने प्रदेश सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की और उनकी मांगों पर आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
इन नेताओं ने मांग की कि हिमाचल प्रदेश में भी सेब को लेकर जम्मू-काश्मीर की तर्ज पर मण्डी मध्यस्थता योजना को लागू किया जाए तथा ए, बी व सी, ग्रेड के लिए क्रमशः 60 रुपए, 44 रुपए व 24 रुपए प्रति किलो की दर से समर्थन मूल्य पर खरीद की जाए। उनकी मांग है कि प्रदेश की विपणन मण्डियों में एपीएमसी कानून को सख्ती से लागू की जाए तथा मण्डियोें में खुली बोली लगाई जाए व किसानों से गैर कानूनी रूप से की जा रही वसूली को समाप्त किया जाए।
इन नेताओं ने मांग की कि आढ़तियों के पास लम्बित समय से बागवानों की बकाया राशि का तुरंत प्रभाव से भुगतान करवाया जाए तथा उत्पाद बेचने के साथ साथ भुगतान को सुनिश्चित किया जाए। सेब तथा अन्य फलों व सब्जियों की पैकेजिंग में इस्तेमाल किए जा रहे कार्टन एवं ट्रे की कीमतों में की गई भारी वृद्धि वापिस ली जाए। साथ ही सभी मंडियों में सेब को भी अन्य फसलों की तरह वजन के हिसाब से बेचा जाए। खाद, बीज, कीट व फंफूंदनाशकों, अन्य लागत वस्तुओं तथा कृषि-बागवानी के लिए प्रयोग में आने वाले उपकरणों-स्प्रेयर, पावर टिलर, एंटी हेल नेट आदि पर दी जा रही सब्सिडी को तुरंत बहाल एवं प्रदान किया जाए।
इन नेताओं ने कहा कि हिमाचल किसान सभा आगामी समय में अन्य संगठनों को शामिल करते हुए तथा संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे देशव्यापी किसान आन्दोलन का समर्थन करते हुए एक व्यापक किसान आंदोलन चलाएगी। उन्होंने सभी किसान, बागवानों से अपील की कि 13 सितम्बर को अपने खण्ड, तहसील स्तर पर इन मांगों पर व्यापक प्रदर्शन को सफल बनाते हुए इसका हिस्सा बनें।
किसान सभा के नेता प्रदेश के बागवानी मंत्री द्वारा की गई किसान विरोधी बयानबाजी से खासे नाराज हैं। सभा के नेताओं का कहना है कि बागवानी मंत्री ने जो किसान विरोधी बयानबाजी की है, उससे राज्य के किसानों-बागवानों में खासा रोष है तथा संयुक्त किसान मंच एवं हिमाचल किसान सभा ने बागवानी मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी किसान विरोधी रवैया अपनाते हुए काॅरपोरेट एवं अदानी का पक्ष लेने का आरोप लगाया है।
