शिमला। राष्ट्रीय रेडक्राॅस सोसायटी के उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने कहा है कि अधिक से अधिक वृक्ष रोपित कर प्राकृतिक ऑक्सीजन को विस्तार प्रदान करने के लिए हम सब अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए। राज्य रेडक्राॅस सोसायटी, सशस्त्र सीमा बल व वन विभाग द्वारा सोमवार को जाठिया देवी में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत पीपल का पौधा रोपित करने के बाद खन्ना ने यह बात कही।
खन्ना ने कहा कि वृक्षों के माध्यम से मनुष्य को स्वतः ऑक्सीजन की पूर्ति होती है। कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी जैसे हालातों से निपटने के लिए समाज को हरित आवरण की वृद्धि करनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज इस क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल, जिला रेडक्राॅस सोसायटी तथा वन विभाग द्वारा पीपल, आंवला, हरड़ बेहड़ा और नीम के लगभग 200 पौधे रोपित किए गए। उन्होंने कहा कि इन पौधों से जहां क्षेत्र के लोगों को औषधि प्राप्त होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषणमुक्त वातावरण का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वनों की रक्षा करने से हम परोक्ष रूप से विश्व के कल्याण में अपना सहयोग निहित करने में सक्षम होते हैं।
इस अवसर पर राज्य रेडक्राॅस सोसायटी की अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर ने कार्यक्रम में आगमन के लिए राष्ट्रीय रेडक्राॅस सोसायटी के उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस सोसायटी ने प्रदेश में एक लाख 10 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें से अभी तक 53 हजार 78 पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3777 लोगों ने अभी तक इस अभियान में भाग लिया, जिसमें रेडक्राॅस कार्यकर्ता, स्वैच्छिक संस्थाओं के सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारी व सदस्य, महिला मण्डल एवं युवक मण्डलों के सदस्यों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व असहाय लोगों की सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए वृक्षों की उपयोगिता के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम राज्य रेडक्राॅस सोसायटी द्वारा प्रमुखता से किए जा रहे हैं, ताकि समाज को इसका लाभ मिल सके।
इस अवसर पर राज्य रेडक्राॅस सोसायटी की सदस्य एवं पूर्व सांसद बिमला कश्यप, सदस्य रजनी खाची, सदस्य तृप्ता वर्मा, विपिन गुप्ता, आशा सूद, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता, पार्षद डाॅ. किमी सूद, किरण बावा, डिप्टी कमांडेंट सीमा सुरक्षा बल टीटीसी कुसुम्पटी पीएन चौरसिया तथा सीमा सुरक्षा बल के जवान तथा वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
