शिमला। माकपा के मजदूर संगठन सीटू की राज्य कमेटी ने निर्णय लिया है कि 12 जुलाई को आंगनबाड़ी दिवस मनाया जाएगा व इस दिन प्रदेशभर में आंगनबाड़ी कर्मी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं, मिड डे मील वर्करज़ की मांगों को लेकर 20 जुलाई को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन होंगे। इसके अलावा मजदूरों व किसानों की मांगों को लेकर 25 जुलाई से 8 अगस्त तक प्रदेशव्यापी अभियान होगा व 9 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस के मौके पर प्रदेशभर में मजदूरों किसानों के प्रदर्शन होंगे। ये निर्णय कुल्लू में हुई सीटू की राज्य कमेटी की बैठक में लिए गए।
सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद औद्योगिक सम्बन्धों पर मोदी सरकार द्वारा लाए गए मजदूर विरोधी लेबर कोड पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इसमें लगभग सौ लोगों ने भाग लिया। बैठक में डॉ. कश्मीर ठाकुर, प्रेम गौतम, जगत राम, रविन्द्र कुमार, सुदेश कुमारी, केवल कुमार, जोगिंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, राजेश शर्मा, राजेश ठाकुर, एनडी रनौत, राजेन्द्र ठाकुर, बिहारी सेवगी, अजय दुलटा व कुलदीप डोगरा आदि शामिल रहे।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की जयराम सरकार लगातार मजदूर विरोधी निर्णय ले रही है। केंद्र सरकार ने केवल 2600 रुपए मासिक वेतन लेने वाले मिड डे मील वर्करज़ के वेतन में पिछले 12 वर्षों में एक भी रुपए की बढ़ोतरी नहीं की है। कोरोना काल में शानदार कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कर्मियों को हिमाचल प्रदेश में हरियाणा के मुकाबले केवल आधा वेतन दिया जा रहा है। कोरोना योद्धा आशा व आउटसोर्स कर्मियों का भारी शोषण किया जा रहा है। उन्हें सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। इन मजदूर नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मजदूरों के वेतन को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा जा रहा है। कोरोना काल में देश की ही तरह प्रदेश में हज़ारों मजदूरों की छंटनी की गई है व उनके वेतन में 40 प्रतिशत तक कि कटौती की गई है। देश के मजदूर लंबे समय से 21 हज़ार रुपए वेतन की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनका वेतन बढ़ाने के बजाए मजदूरों के श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूर विरोधी चार लेबर कोड बना दिये गए हैं। इन लेबर कोडों से नियमित रोज़गार खत्म हो जाएगा। इस से फिक्स टर्म रोज़गार व हायर एन्ड फायर नीति को बढ़ावा मिलेगा व मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी।
