शिमला। कांग्रेस के अग्रणी संगठन युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चली भूख हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। 28 जून से चली भूख हड़ताल लगातार प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों व जिला मुख्यालयों पर जारी है।
सोमवार को युवा कांग्रेस के अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल के एडीसी के माध्यम से राज्यपाल को छात्रों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा और कोरोना संकट में कॉलेज परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की। ज्ञापन में इन संगठनों ने प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों की टीकाकरण नीति में खामियों को लेकर भी राज्यपाल को अवगत करवाया।
उधर, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा ही उनके लिए प्रमुख मुद्दा है। सोमवार को राजभवन जाकर राज्यपाल को भी विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत करवाया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने सात जुलाई तक कोई उचित फैसला छात्रों के पक्ष में नहीं लिया तो उसके बाद आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और कानून व्यवस्था की पुरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
वहीं, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि बीते दिनों राजस्थान विश्वविद्यालय ने भी कोरोना महामारी के चलते छात्रों को प्रमोट किया। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय जहां ऑनलाइन परीक्षाएं ले सकता है तो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने मे क्यों आनाकानी कर रही है, जबकि एक साल से छात्रों की कक्षाएं ऑनलाइन लगवाई जा रही है।
बाक्स एनएसयूआई अध्यक्ष छत्तर ठाकुर और महासचिव मनोज चौहान ने जलशक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह द्वारा शिक्षकों पर दिए गए बयान पर आपत्ति जताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा शिक्षकों को कोरोनकाल में सिर्फ मज़े लेने और सिर्फ टीके लगवाने के लिए फ्रंटलाइन वर्कर बनने वाले बयान पर पूरे प्रदेशभर के शिक्षकों में नाराजगी है। ऐसे में छात्र संगठन एनएसयूआई ने शिक्षकों का साथ देते हुए भाजपा के मंत्री को ऐसे बेहूदा बयान वापस लेने व शिक्षक समाज से माफी मांगने की मांग की।
