शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी और कृषि पर छाए संकट के लिए भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उसने कहा है कि सरकार बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने में पूर्णतः विफल रही है। आज पेट्रोल की कीमत 100 रुपए पार कर गई है और रसोई गैस के सिलेंडर की कीमत भी 900 रुपए पार कर गई है। खाद्य तेल की कीमतों में भी भारी उछाल है और सरसों का तेल 200 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। बिजली, पानी, बस किराया, कूड़ा उठाने की फीस, प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य सेवाओं की दरों में भारी वृद्धि की जा रही है।
माकपा के राज्य सचिव मंडल व शिमला जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि पार्टी की जिला कमेटी की बैठक में प्रदेश व जिला की राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक परिस्थिति के साथ सांगठनिक पहलू पर भी चर्चा की गई। बैठक में चर्चा कर यह निष्कर्ष निकला कि सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियों के कारण प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, कृषि व बागवानी का संकट बड़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं की स्थिति चरमरा गई है तथा सरकार इनको महंगा कर निजी हाथों में सौंप रही है। सरकार ने लगभग सभी क्षेत्रों में भर्ती पर रोक लगा रखी है तथा जो भी भर्ती की जा रही है वह ठेका, आउटसोर्स व पार्ट टाइम के आधार पर की जा रही है। कोविड-19 के दौरान प्रदेश में बेरोजगारी में वृद्धि हुई है। लॉकडाउन व कोरोना कर्फ्यू के कारण रोजमर्रा मेहनत कर दिहाड़ी मजदूरी कर कमाने वाले, पर्यटन व इससे जुड़े अन्य व्यवसाय जैसे परिवहन, छोटा दुकानदार व कारोबार, तहबाजारी व अन्य कारोबार करने वाले बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। सरकार ने कोविड-19 के दौरान इनको कोई भी राहत देने के लिए कोई कार्य नहीं किया है। जिससे बेरोजगारी व्यापक रूप से बड़ी है। इससे जनता के रोजी रोटी का संकट बड़ा है।
संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 की दूसरी लहर में इससे निपटने में पूर्ण रूप से विफल रही है तथा सरकार द्वारा किये गए आधे अधूरे इंतजाम से प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में लोग कोविड-19 से संक्रमित व इससे मौते हुई। दूसरी लहर में करीब तीन माह में ही 1,44,000 के करीब लोग संक्रमित हुए व 2480 लोगों की मौत हुई। जोकि पहली लहर से दोगुणा से अधिक संख्या है। बैठक में सरकार से मांग की गई कि तुरन्त प्रदेश व जिला में चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में आने वाली कोविड-19 की तीसरी लहर में संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सके व मौतों को रोका जा सके।माकपा नेता ने कहा कि सरकार कोविड-19 के कारण जनता को राहत प्रदान करने में पूरी तरह से विफल रही है। राहत के नाम पर किसी भी प्रकार की सहायता सरकार ने जनता को प्रदान नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार व नगर निगम शिमला द्वारा कोविड-19 के दौरान क़रीब डेढ़ वर्ष में कोई भी राहत जनता को नहीं दी। इस दौरान बिजली, पानी, कूड़ा उठाने की फीस, प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य सेवाओं की दरों में भारी वृद्धि की गई है। उनका कहना था कि जबसे बीजेपी नगर निगम शिमला में आईं हैं तो कूड़े उठाने की फीस व बिजली की दरों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है। बैठक में चर्चा कर मांग की गई कि सरकार व नगर निगम बिजली, पानी, प्रॉपर्टी टैक्स, कूड़ा उठाने व अन्य सेवाओं की दरों में की गई वृद्धि तुरन्त वापिस ले तथा कोविड-19 के दौरान लॉक डाउन व कोरोना कर्फ्यू के समय के कूड़ा उठाने की फीस व अन्य सेवा शुल्क माफ़ कर जनता को राहत प्रदान करे।
