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शिमला। कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार पर कोरोना महामारी से स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर पूरी तरह असफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि सरकार के पास इस महामारी को लेकर एग्जिट प्लान तो दूर की बात है, इसके पास अभी तक अन्य राज्यों से यहां आने वाले प्रदेशवासियों के लिए कोई पुख्ता एंट्री प्लान भी नहीं है।उन्होंने कहा है कि पहले 45 दिनों तक सरकार को न तो प्रदेशवासियों की ही कोई चिन्ता थी और न ही प्रावसी मजदूरों की। आनन-फानन में निर्णय लेकर आज इस प्रदेश पर  कोरोना का दवाब बढ़ता जा रहा है। 

विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना पाजीटिव मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर इस पर जल्द ही काबू न पाया गया तो यह प्रदेश के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। उनका कहना था कि सरकार ने अगर पहले ही ऐसा कोई ठोस निर्णय लिया होता कि प्रदेश की सीमाओं पर सभी लोगों की स्क्रीनिंग और कोरोना महामारी को लेकर प्रोटोकॉल फॉलो किया होता तो प्रदेश पूरी तरह कोरोना मुक्त हुआ होता।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि होम क्वारन्टीन में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। होम क्वारन्टीन केवल नाम मात्र के है। इनकी कोई भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं है। उनका मानना था कि होम क्वारन्टीन की जगह क्वारन्टीन सेंटर बनाए जाने चाहिए थे, जहां पर 14 दिनों के लिए इन लोगों को रखा जाता।

विक्रमादित्य सिंह ने कोरोना के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के कार्यों पर भी खेद जताते हुए कहा कि वह अपना उत्तरदायित्व सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने कोविड फंड के दुरुपयोग पर निराशा जताते हुए कहा कि न तो लोगों को ही पता चल रहा है कि यह फंड कहां खर्च हो रहा है और न ही नेताओं को। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सभी विकास कार्य ठप पड़े हैं। लॉक डाउन की वजह से कोई भी कार्य होना संभव ही नहीं है। बावजूद इसके सरकार के पास एक ही कार्य इस महामारी की रोकथाम के उपाय करना ही है, उसे भी वह सही ढंग से नहीं कर पा रही है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि अस्पतालों में इस महामारी से लड़ने के कोई भी सुरक्षा इंतजाम आज दिन तक नहीं हुए हैं।सब कुछ राम भरोसे चल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह रोज एक बुलेटिन के द्वारा प्रदेश में इस संक्रमण के आंकड़े तो प्रस्तुत करते हैं, लेकिन अस्पतालों में कितने वेन्टीलेटर है, कितनी जांच किट है, कितने सुरक्षा के अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं देते।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक ही मुख्य कार्य रहे गया लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान कैसे कैसे किया जाए। हर जगह हर समय केवल यही स्तुतिगान चला रहता है। प्रदेश की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार ने कोई भी ऐसी योजना पर अभी तक विचार भी शुरू नहीं किया है, जिससे ऐसा लगे कि आने वाले समय में लोगों को कोई राहत मिलेगी। 

By admin

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