Spread the love

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि निष्पादित की जा रही सभी पर्यटन परियोजनाओं के कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा है कि उन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा है कि शिमला जिले के चांशल को नए गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अटल टनल रोहतांग के उत्तरी और दक्षिणी पोर्टल पर कार्य में तेजी लाने को भी कहा। वे बुधवार को यहां हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटकों को बेहतरीन पर्यटन अधोसंरचना उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले के जंजैहली में पर्यटन केंद्र का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस पर 25.17 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और यह केंद्र इस घाटी की यात्रा पर आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का अतिरिक्त केंद्र बनेगा। इस केंद्र में ओपन एयर थियेटर, तीन काॅटेज, कन्वेंशन सेंटर, कैफेटेरिया और 12 आधुनिक कमरों की सुविधा उपलब्ध होगी। 
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा में 17 करोड़ रुपए की लागत से कांगड़ा हाट का निर्माण किया जा रहा है। डल झील के सौंदर्यीकरण और चम्बा जिले के भलेई में कला एवं शिल्प परियोजना के माध्यम से एक ओर जहां प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा को दर्शाने में सहायता मिलेगी वहीं ये पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का विशेष केंद्र बनकर उभरेंगे। यह परियोजना इस वर्ष सितम्बर माह तक पूरी कर ली जाएगी जिस पर चार करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। इसी प्रकार, डल झील के सौंदर्यीकरण का कार्य भी इसी वर्ष सितम्बर तक पूरा हो जाएगा, जिस पर चार करोड़ रुपए की लागत आएगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि सोलन जिले के क्यारीघाट में 29.90 करोड़ रुपए की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है और इसका कार्य भी इसी वर्ष सितम्बर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंडाघाट के नजदीक 44 बीघा भूमि पर कला एवं शिल्प गांव को विकसित करने का कार्य प्रगति पर है, जिसके लिए वन स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। ये दोनों परियोजनाएं कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थापित की जा रही हैं, जिसकी वजह से ये सैलानियों के लिए अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र बनेंगी। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में शिव धाम परियोजना के प्रथम चरण का कार्य निर्धारित समय में पूरा करना सुनिश्चित बनाएं। भविष्य में वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंडी से शिव धाम तक सम्पर्क सड़क मार्ग को चौड़ा किया जाए तथा यह भी ध्यान रखा जाए कि कंकरीट के ढांचों के निर्माण नहीं हो। पर्यटन विभाग के सचिव देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश में निष्पादित की जा रही सभी पर्यटन परियोजनाओं का कार्य शीघ्र पूरा करने के भरसक प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन विभाग के निदेशक यूनस ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। महापौर सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेंद्र चौहान, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान एवं जेसी शर्मा, प्रधान सचिव रजनीश, सचिव डा. अजय शर्मा, नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। 

सितंबर तक पूरा होगा बैंटनी कैसल का जीर्णाेंद्धार कार्य 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में बैंटनी कैसल के जीर्णाेंद्धार का कार्य इसी साल सितम्बर महीने तक पूरा किया जाएगा, जिस पर 25.45 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी शिमला की सैर पर आने वाले पर्यटकों के लिए बैंटनी कैसल और टाउन हाॅल में लाइट एंड साउंड शो प्रमुख आकर्षण बनेगा। उन्होंने कहा कि भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को बैंटनी कैसल का सदुपयोग करना चाहिए। 
जयराम ठाकुर ने धर्मशाला-मैक्लोडगंज, पलचान-रोहतांग, आदि हिमानी-चामुंडा, श्री आनंदपुर साहिब-श्री नैना देवी आदि रज्जू मार्गों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इनसे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को न केवल परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को वन स्वीकृतियों के मामले प्रभावी तरीके से उठाने के भी निर्देश दिए, ताकि सभी पर्यटन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य आरंभ हो सके। 
चांशल को नए पर्यटक गंतव्य के रूप में किया जाएगा विकसित 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक-निजी सहभागिता से शिमला जिले के चांशल में एक महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजना भी हाथ में लेने जा रही है, जिसे एक नए पर्यटक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। यह विशेषतौर पर साहसिक खेलों के प्रेमियों के लिए आकर्षण बनेगा। इस परियोजना के तहत रज्जू मार्ग, स्की लिफ्ट, स्की रिजोर्ट, हैलीपैड, कैंपिंग और स्की स्लोप विकसित की जाएंगी। परियोजना के लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट पहली मार्च, 2021 को जारी किया जा चुका है, जिसके लिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल, 2021 तय की गई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना शिमला जिले में पर्यटन को एक नया आयाम प्रदान करेगी। 
अटल टनल रोहतांग के उत्तरी और दक्षिणी पोर्टल पर कार्य में तेजी लाई जाए – सीएम 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल टनल रोहतांग के उत्तरी और दक्षिणी पोर्टल पर कार्य में तेजी लाई जाए, क्योंकि यह सुरंग प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में एक बन चुकी है। इस कार्य के पूरा होने से पर्यटकों को सड़क किनारे बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ ठहरने व भोजन की भी उचित व्यवस्था मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को कुल्लू जिले के प्रीणी गांव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक स्थापित करने के लिए संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश में सभी प्रमुख हैलीपोर्ट परियोजनाओं का कार्य निश्चित समय में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को इनका लाभ शीघ्र मिल सके। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *