शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हिमाचल प्रदेश की राज्य कमेटी ने हिमाचल से संबंध रखने वाली अभिनेत्री कंगना रणौत द्वारा किसानों को आतंकवादी कहने और किसानों के जत्थों में शामिल महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल करने कड़ी निंदा की है।
समिति के राज्य अध्यक्ष रीना सिंह और सचिव फालमा चौहान ने कहा कि हिमाचल से और भी लोग बॉलीवुड में काम कर रहे हैं, उनसे भी कंगना को सीख लेनी चाहिए। कंगना भी हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के बारे में शायद ही जानती होगी कि किसान और किसान महिलाओं को कितनी तेज धूप में और कितनी ठंड और बरसात में खेतों में काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज भारत की सरकार ने जिस तरीके से देश के किसानों के सामने यह काले कानून लेकर खड़े कर दिए हैं, उसके बारे में कंगना को भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उसका समर्थन करना चाहिए।
रीना सिंह और फालमा चौहान ने कहा कि जिन कानूनों ने देश के बड़े व्यापारियों को और कॉरपोरेट को खुली लूट की छूट दे दी है। उन्होंने कहा कि आज देशभर से लाखों लाख जो किसान और किसान महिलाएं दिल्ली गए है, उनमें शायद कंगना से ज्यादा पढ़े लिखे लोग हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें पीएचडी किसान, इंजीनियर किसान तथा देश और प्रदेश के हिस्सों के पढ़े लिखे किसान, नौजवान और किसान महिलाएं भी इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कंगना के पास समय है तो उन्हें जरूर देश के और प्रदेश के किसान आन्दोलन का और महिला आंदोलनों का अध्ययन करना चाहिए और उन्हें यह किसान और महिला विरोधी सोच का जो फीड बैक, जिस पार्टी से मिल रहा है वह आज देश के मज़दूर किसान और महिला विरोधी पार्टी है, जो देश मे सिर्फ मनुवादी सोच को आगे ले जाना चाहती है।
