किन्नौरी सेब के सरंक्षण के लिए भौगोलिक संकेतक (जी.आई. टैग) को लेकर रिकांगपिओ में जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन
रिकांगपिओ। जनजातीय जिला किन्नौर के रिकांगपिओ स्थित उद्यान भवन में सोमवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें किन्नौरी सेब के सरंक्षण के लिए भौगोलिक संकेतक (जी.आई. टैग) पर चर्चा की गई और बागवानों को विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहा कि किन्नौर जिला का सेब विश्वभर में अपने स्वादिष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध है और बाजार में इसकी मांग अधिक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां के सेब को सरंक्षण प्रदान करने के लिए भौगोलिक संकेतक (जी.आई. टैग) आवश्यक है, जिसे बागवानों के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त किया जा सकता है।
इसके अलावा कार्यशाला में किन्नौर जिला की बागवानी के बढ़ते कदम एवं किन्नौरी सेब तथा विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन पर विशेष गहन चर्चा स्थापित की गई। चर्चाओं का संचालन उप निदेशक उद्यान डॉ. भूपेंद सिंह नेगी व डॉ. अजीत सिंह उद्यान विकास अधिकारी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान डॉ. भूपेंद सिंह नेगी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और कृषि विज्ञान केंद्र शारबो के वैज्ञानिकों द्वारा किन्नौर के सेब की पारंपरिक पद्धतियों पर प्रकाश डाला।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललिता पंचारस, विकासशील बागवानों सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
