शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने आज यहां चौड़ा मैदान में प्रदेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इस दौरान सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोजगारी व महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों की डटकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज भाजपा ने अपने जनविरोधी निर्णयों से देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर देश को बर्बादी की राह पर ला कर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने आज देश का खजाना तक खाली कर दिया और अब देश की सरकारी सम्पतियों को बेचा जा रहा है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कनैडी चौक की तरफ भी कूच किया और वहां पुलिस के साथ ही धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
इससे पहले चौड़ा मैदान में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा कि अब कांग्रेस चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने पार्टीजनों का आह्वान किया कि आज से अब वह भाजपा के खिलाफ मैदान में डट जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम सीमा में बढ़ता जा रहा है। सरकार के मंत्री बेनामी जमीनें सम्पति खरीद रहे हैं। कोविड के चलते हुए स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में घोटाला हुआ। सरकार अपनी छवि को साफ सुथरा दिखाने की एवज में भ्रष्टाचार में संलिप्त अपने नेताओं को क्लीन चिट देकर इसकी जांच में लीपापोती में लगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने एक पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग में एक बड़े घोटाले की बात कही थी, लेकिन सरकार ने उसकी भी कोई जांच नही की।
राठौर ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की फर्जी डिग्रियां बेची जा रही है। सरकार की कछुआ चाल जांच से साफ है कि वह इसमें अपने लोगों को बचाने का पूरा प्रयास कर रही है।राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार की सारी शासकीय व्यवस्था फेल हो चुकी है। प्रदेश में सरकारी नौकरियों की बोली लग रही है। प्रदेश के बाहरी लोगों को नियुक्तियां दी जा रही है। सरकारी कर्मचारियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक आधार पर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के तबादले किये जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कुछ अधिकारी सरकार के पिठू बनकर काम कर रहे हैं और नियमोँ को ताक पर रखकर भाजपा व संघ के इशारों पर उल्टे-सुलटे कामों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस सब पर अपनी पूरी नज़र रखे हुए है और सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसे अधिकारियों से पूरा हिसाब किताब चुकता किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश को किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की भाजपा सरकार लोग इसकी जनविरोधी नीतियों से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के लोगों को बड़ी-बड़ी राहत देने के सरकार के दावे पूरी तरह खोखले और झूठे हैं।

प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने इस दौरान प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार विधानसभा के अंदर कांग्रेस पार्टी द्वारा लाये गए नियम 67 के तहत अन्य सभी काम रोक कर प्रदेश में कोविड-19 के चलते सरकार के कुप्रबंधन पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर लोगों के हितों की लड़ाई कांग्रेस के विधायक लड़ रहे हैं, जबकि बाहर सभी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हैं। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, महंगाई व बेरोजगारी पर सरकार से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कोविड महामारी से अब तक प्रदेश में 55 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इस सब के लिए प्रदेश सरकार दोषी है। उन्होंने आज के इस सफल आयोजन के लिए प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर व पार्टी के सभी पदाधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि अब जब भी चुनाव होंगे, प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की ही सरकार बनेगी।

वहीं, राठौर ने इस विरोध प्रदर्शन में आये पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोविड-19 के चलते इस प्रदर्शन में कम लोगों को ही आने को कहा था। उन्होंने कहा कि आज की भीड़ से साबित हो गया कि अब कांग्रेस एकजुट होकर मजबूती से आगे आ रही है। उन्होंने यहां आए जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष या पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का इस सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।इस विरोध प्रदर्शन को महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, महासचिव केवल सिंह पठानिया के अतिरिक्त कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। इस दौरान मंडी जिला अध्यक्ष प्रकाश चौधरी, सिरमौर जिला अध्यक्ष अजय बहादुर सिंह, सोलन जिला अध्यक्ष शिव कुमार, शिमला शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, मुख्य प्रवक्ता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया, चेतराम ठाकुर, हरिकृष्ण हिमराल, मस्त राम, किरनेश जंग के अतिरिक्त पार्टी के अग्रणी संग़ठन सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई व इंटक सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
