शिमला। कांग्रेस देश व प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस की निगाह देश में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षित 131 लोकसभा सीटों पर है। वर्ष 2022 में हुए हिमाचल विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस को अनुसूचित जाति व जनजाति के मतदाताओं का 70 फीसदी से अधिक समर्थन मिलने से उत्साहित पार्टी ने शिमला में अहम बैठक की।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलोथिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोकसभा की आरक्षित सीटों पर जीत की रणनीति पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, पीसीसी चीफ प्रतिभा सिंह, कैबिनेट मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, यादविंद्र गोमा के अलावा प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष अमित नंदा के अलावा देश के तमाम राज्यों की कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अहम पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी डॉ. के. राजू ने भी बैठक में शिरकत की।

बैठक के बाद राजेश लिलोथिया ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि देश में लोकसभा की 84 सीेटें अनुसूचित जाति व 47 जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। हिमाचल व अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में इन दोनों वर्गों का कांग्रेस को समर्थन मिल रहा है। लिहाजा बैठक में सभी 131 आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज करने को लेकर बैठक में चर्चा की गई।
लिलोथिया ने बताया कि देश के अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में अनुसूचित जाति उप योजना की परिकल्पना को साकार किया गया है। इस परिकल्पना को नीति का रूप दिया गया है, मगर अनुसूचित जाति के लोगों के कल्याण के लिए इसे कानूनी दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई है।
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राजेश लिलोथिया ने कहा कि चंडीगढ़ नगर निगम के महापौर के चुनाव में क्या- क्या हुआ सर्वविदित है। झारखंड के मुख्यमंत्री को हिरासत में लिया गया है। बिहार में दबाव बना कर भाजपा ने सत्ता हथियाई है। उन्होंने कहा कि देश में संविधान व लोकतंत्र खतरे में है। संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे हैं।
