Spread the love

शिमला। हिमाचल की आर्थिकी में अहम रोल अदा करने वाले सेब की दुर्दशा को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को यहां भाजपा सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सेब बागवानों की कोई सुध नहीं ले रही है और बागवानों को उनके हाल पर छोड़ रखा है। कांग्रेस या कहना है कि आज जिस तरह ‌से सेब बागवानी की लागत बढ़ रही है, उससे आज बागवानी घाटे का सौदा बनने लगी है और यदि इस ओर गंभीरता से ध्यान न दिया गया तो बागवान सेब बागवानी को छोड़ने‌ को मजबूर होंगे।

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि पिछले पांच सालों में भाजपा सरकार ने सेब बागवानों की कोई सुध नहीं ली और उन्हें अपने हाल पर छोड़ रखा है। उन्होंने मंगलवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि आज प्रदेश में स्थिति यह है कि बागवानी मंत्री का कोई अता-पता नहीं है और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी चुपी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सेब के बागीचों में डाली जाने वाली खाद की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। यही नहीं, बागीचों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक और फफूंदनाशकों के दामों में भी कई गुणा बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि खाद की कीमतें जो दो वर्ष पहले 800 रुपए थी, आज वह 17 सौ पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पहले बागवानों को दवाओं पर उपदान मिलता था और इस कारण बागवानों पर अधिक भार नहीं पड़ता था, लेकिन अब उपदान को खत्म कर दिया गया है और बागवानों को खुले बाजार के अधीन कर दिया है। नतीजा यह है कि बागवानों को दवाएं तक लेनी मुश्किल हो रही है। 

नरेश चौहान ने कहा कि सेब को बाजार तक पहुंचाने के लिए कार्टन का इस्तेमाल होता है। इसकी कीमतों में हर भारी बढ़ोतरी हो रही है। कार्टन के दाम इस बार 80 रुपए तक जा पहुंचे हैं। यही नहीं, कार्टन के साथ-साथ इसमें प्रयोग होने वाली ट्रे भी इस बार तीन रुपए प्रति ट्रे महंगी हो गई है। इसका सीधा असर बागवानों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कार्टन पर जीएसटी की दर को बढ़ाने से बागवानों पर और मार पड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि सेब को बाजार तक पहुंचाने के लिए परिवहन भाड़े में भी हर साल बढ़ोतरी हो रही है। इससे सेब बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद बागवानों को सेब का उचित दाम नहीं मिल रहा है। इसका नतीजा यह है कि सेब बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है और यही स्थिति रही तो बागवान सेब की बागवानी छोड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आज सेब से प्रत्यक्ष रूप से 1.75 लाख परिवार जुड़े हैं, वहीं अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग जुड़े हैं। क्योंकि सेब को देशभर में बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर तक इससे जुड़ा है। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, सेब बागवानों की दुर्दशा शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि बागवानी मंत्री का बागवानों की ओर कोई ध्यान नहीं है और मुख्यमंत्री जो खुद को बागवान कहते हैं, वह भी कुछ नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों से जो सेब खरीदा था, उसका भुगतान भी अभी तक नहीं हुआ है। बागवानों को 40 करोड़ रुपए की पेमेंट की अदायगी करनी है, लेकिन सरकार ने अभी तक नहीं की। 

चौहान का सवाल – कब बढ़ेगी सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी 

नरेश चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों से भारत आने वाले सेब को रोकने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का वादा हिमाचल के बागवानों से किया था, लेकिन अभी तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। इसका नतीजा यह है कि हिमाचल समेत अन्य राज्यों के सेब बागवानों को सेब का उचित दाम नहीं मिल रहा, क्योंकि अफगानिस्तान के रास्ते कई देशों से ड्यूटी फ्री सेब भारत पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब केंद्र और हिमाचल सरकार को देना होगा कि बागवानों से किए गए वादे पर कब अमल होगा और कब बागवानों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी सेब के मुद्दे पर चुपी साधे हैं और अब उन्हें बताना चाहिए कि इंपोर्ट ड्यूटी कब खत्म होगी, जो वादा पीएम मोदी ने किया था। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed