Spread the love

शिमला। मंडी जिला के गलू, जोगिन्द्रनगर स्थित बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। 18 जनवरी को आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा इस बॉटलिंग प्लांट का निरीक्षण किया गया और निरीक्षण के दौरान इसमें कुछ अनियमितताएं पाई गई। इसके बाद सोमवार को इस बॉटलिंग प्लांट के निदेशक का पक्ष सुनने के पश्चात आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी, हिमाचल प्रदेश ने प्लांट के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। वही, विभाग द्वारा अब नियमानुसार इस मामले में आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। 
आबकारी एवं कराधान विभाग के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यहां बताया कि इस मामले में विभागीय अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है और उनके विरुद्ध भी आगामी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश में स्थित के बॉटलिंग प्लांटों की चैकिंग के दौरान अनियमताओं के नौ मामले पकड़े गए हैं। इनमें जिला सिरमौर स्थित एक बॉटलिंग प्लांट स्प्रिट भण्डारण से संबंधित अनियमितता पाए जाने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्लांट से 32.27 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। जिला सोलन की एक इकाई पर भी कार्रवाई की गई और उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है और रिकवरी के लिए नोटिस दिया गया है। इन सभी मामलों में विभागीय कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है व इन सभी के विरूद्ध आगामी अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में जा रही है।

प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आबकारी राजस्व का संग्रहण कार्य राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा किया जाता है। विभाग राज्य की वित्तीय संरचना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और राज्य का अधिकांश राजस्व एकत्र करता है। यह राजस्व विभाग द्वारा लागू किए गए विभिन्न आबकारी व कर अधिनियमों के तहत जारी विभिन्न लाइसेंस के माध्यम से आबकारी शुल्क के रूप में एकत्र किया जाता है। आबकारी विभाग द्वारा मदिरा निर्माण व मदिरा की थोक तथा खुदरा बिक्री के लिए विभिन्न प्रकार के लाइसेंस आवेदन पर नीलामी व निविदा द्वारा जारी किए जाते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग के अधिकारी आबकारी अधिनियम के तहत बनाए गए प्रावधानों और मानकों के अनुरूप आबकारी राजस्व को सुरक्षित करने के लिए समय-समय पर मासिक व त्रैमासिक आधार पर मदिरा के निर्माण एवं बिक्री से संबंधित सभी परिसरों का निरीक्षण करते हैं व किसी भी प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। 


अनियमताओं के कुल 151 मामले पकड़े 

प्रवक्ता ने बताया कि सरकारी राजस्व में किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने बीते कुछ महीनों में खुदरा एवं थोक दुकानों के निरीक्षण के दौरान अनियमताओं के कुल 151 मामले पकड़े हैं। इनमें जिला कांगड़ा में मदिरा के थोक विक्रेताओं के दो मामले व जिला ऊना में एक मामला व जिला बिलासपुर में एक मामला पकड़ा गया है, जिसमें विभाग द्वारा 8.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीन लाइसैंस रद्द किए हैं तथा एक थोक विक्रेता के विरूद्व पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। खुदरा बिक्री की दुकानों में भी विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता करने वाले अनुज्ञापियों के विरुद्ध विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *