शिमला। प्रदेश में दिवाली की रात आतिशबाजी के चलते 31 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे चार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान आंका गया है। अग्निशमन विभाग ने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए जानमाल की रक्षा की है। राजधानी शिमला के कृष्णानगर के अलावा कुल्लू और चंबा जिलों में आग लगने से मकान जलने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, पटाखों के कारण कई लोगों के हाथ भी जले हैं।
राजधानी शिमला में शुक्रवार को करीब आधा दर्जन लोग अस्पताल में उपचार के लिए आए। वहीं, पांवटा साहिब के कई भागों में आतिशबाजी से झुलसने के एक दर्जन मामले सामने आए हैं। एक घायल महिला की हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि 11 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। वहीं, प्रदेश में दिवाली पर जहां निर्धारित समय से पहले ही पटाखे फूटने शुरू हो गए थे और तय समय के बाद भी पटाखों की गूंज सुनाई देती रही। प्रशासन ने रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने के समय तय कर रखा था, लेकिन लोगों ने तय समय से पहले और बाद में भी खूब आतिशबाजी होती रही। इससे साफ है कि प्रशासन की अपील का कोई असर नजर नहीं आया।
उधर, राजधानी शिमला के कृष्णानगर में एमसी की दो मंजिला इमारत आग की भेंट चढ़ गई। सूचना मिलते ही माल रोड और छोटा शिमला से पांच फायर टेंडर के साथ 30 दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और सुबह सवा चार बजे आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण आतिशबाजी बताया जा रहा है। आग लगने की इस घटना से लगभग 10 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि करोड़ों की संपत्ति को बचा लिया गया है।
वहीं, शिमला जिले के रामपुर के चूहाबाग में बीती रात एक मकान में आग लग गई। आग लगने से मकान में किताबों की दुकान और किरयाना स्टोर जलकर राख हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और अग्निशमन कर्मियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
