शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हिमाचल प्रदेश की राज्य कमेंटी ने केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को दिशाहीन बताया है। समिति का राज्य अध्यक्ष रीना सिंह और सचिव फालमा चौहान ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट में आज महिलाएं शून्य हैं। यहां तक कि मनरेगा तथा परियोजना कर्मचारियों का भी बजट में जिक्र तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के चलते देश और प्रदेश की महिला को भोजन और सेहत के लिए जो बजट की आस लगाए बैठी थी, उससे भी महिला को महरूम होना पड़ा है।
रीना सिंह और फालमा चौहान ने कहा कि केन्द्रीय बजट में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी नजरअंदाज किया गया है, जिससे यह पता चलता है कि सरकार को महिलाओं की सेहत से कोई वास्ता नहीं है। इससे देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है और यह बजट महिलाओं की रसोई पर सीधा असर डालेगा। उन्होंने इसे दिशाहीन बजट करार दिया और कहा कि यह अमीरों की झोली भरने वाला बजट है, जिससे जाहिर होता है कि सरकार देश में सिर्फ निजी क्षेत्र को फायदा पंहुचाने का अपना लक्ष्य हासिल कर रही है।
रीना सिंह और फालमा चौहान ने कहा कि इस बजट में नया कुछ नहीं है। सिर्फ जनता को कहा गया कि आत्मनिर्भर बनो। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था दिन प्रतिदिन नीचे जा रही है जो आज माइनस 7 पंहुच गई है। इस बजट में सैनिक स्कूलों का जिक्र किया गया है गैर सरकारी संगठन और निजी सहभागिता से सौ स्कूल खोलने की घोषणा की गई है। इससे आमजन के जो बच्चे हैं, वह इन विद्यालयों से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाएंगे। यह बजट सिर्फ आम जनता को आंकड़ों में उलझाने के सिवाए और कुछ नहीं है।
