शिमला। हिमाचल प्रदेश के करीब 13 हजार अस्थायी शिक्षकों को सुप्रीमकोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इन शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट के दिसंबर 2014 के फैसले को बरकरार रखते हुए इनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। सुप्रीमकोर्ट में पीटीए, पैट व पैरा शिक्षकों से जुड़े इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया।
उधर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पीटीए, पैट और पैरा अध्यापकों के मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इन अध्यापकों का हमेशा से ध्यान रखा है और पिछले वर्ष से उन्हें नियमित अध्यापकों की तर्ज पर वेतनमान दिया गया, लेकिन इनका मामला सर्वोच्च न्यायालय के पास लंबित होने के कारण इन्हें नियमित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब इस निर्णय के आने के बाद इन अध्यापकों के मामले पर आगामी कार्यवाही करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय से प्रदेश के 12,472 अध्यापक लाभान्वित होंगे, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के 2172 पैरा अध्यापक, 6799 पीटीए शिक्षक और 3501 पैट अध्यापक शामिल हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और वित्तीय बाधाओं के बावजूद उन्हें समय-समय पर करोड़ों रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं।
