कांग्रेस प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री पर साधा निशाना, कहा – साढ़े चार साल तक चौपाल की समस्याओं पर नहीं दिया ध्यान, छैला-फेड़ीज पुल पर सांसद सुरेश कश्यप भी रहे खामोश
शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता धीरेन्द्र चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में चौपाल विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि आज जयराम ठाकुर चौपाल की दुर्दशा पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जबकि क्षेत्र की जनता उनके कार्यकाल की सच्चाई से भलीभांति परिचित है।
धीरेन्द्र चौहान ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के अंतिम दो-तीन महीनों के दौरान नेरवा में आयोजित एक जनसभा में भाजपा विधायक बलबीर वर्मा ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों की सूची जयराम ठाकुर के सामने रखी थी, लेकिन उन्होंने मंच से एक भी मांग स्वीकार नहीं की। चौहान ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर ने बलबीर वर्मा को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की रणनीति के तहत क्षेत्र की मांगों की अनदेखी की थी।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग का भी मजाक उड़ाया था और कहा था कि यदि कर्मचारियों को पेंशन चाहिए तो वे विधायक का चुनाव लड़ें। इसके विपरीत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद पहली ही कैबिनेट बैठक में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जयराम ठाकुर आज तक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वे पुरानी पेंशन योजना का समर्थन करते हैं या नहीं।
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिलाओं को पेंशन देने की योजना की शुरुआत कुपवी से की थी, लेकिन जयराम ठाकुर ने नेरवा की जनसभा में महिलाओं को पेंशन न मिलने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से पेंशन को लेकर गलत तस्वीर पेश करने का प्रयास किया गया, जिसकी कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और मनमानी के खिलाफ देशभर में जनाक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता के दबाव के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठ रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारे दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं, लेकिन देश में भाजपा के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की लोकप्रियता के सामने गुटों में बंटी भाजपा टिक नहीं पाएगी।
धीरेन्द्र चौहान ने सांसद सुरेश कश्यप को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेरवा सम्मेलन के दौरान सांसद ने छैला-फेड़ीज पुल को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की क्षेत्र की महत्वपूर्ण मांग पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि चौपाल की इस प्रमुख मांग पर जयराम ठाकुर और सांसद सुरेश कश्यप की चुप्पी का जवाब आने वाले चुनाव में भाजपा विधायक बलबीर वर्मा को देना पड़ेगा।
