1500 रुपये की गारंटी पर सुक्खू सरकार को घेरा, पूछा – चार साल में कितनी महिलाओं को मिला लाभ?
अलका लांबा के दिल्ली रैली के आह्वान पर उठाए सवाल, युवाओं के रोजगार और अन्य चुनावी वादों पर भी मांगा जवाब
खड़गे की पीएम मोदी के पिता पर कथित टिप्पणी को बताया राजनीतिक मर्यादा का सवाल
शिमला। भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी रमा ठाकुर ने कांग्रेस और राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल की जनता को राजनीतिक रैलियों में भीड़ जुटाने का माध्यम बनाने से पहले कांग्रेस को अपनी चुनावी गारंटियों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस अब इस गारंटी पर जवाब देने से बच रही है। रमा ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब महिलाओं को उनका घोषित हक देने की बारी आती है, तब कांग्रेस के नेता चुप क्यों हो जाते हैं?
रमा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान प्रदेश की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। इस वादे को कांग्रेस के नेताओं ने हर मंच से प्रमुखता से उठाया, लेकिन सत्ता में आने के बाद इसकी स्थिति स्पष्ट करने के बजाय अब जनता से दिल्ली की रैली में शामिल होने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की महिलाएं अपना वादा भूली नहीं हैं और कांग्रेस को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा।
48 महीने में 72 हजार रुपये का हिसाब कहां है?
भाजपा नेता ने कहा कि 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 48 महीनों में प्रति महिला 72,000 रुपये बनते हैं। उन्होंने कांग्रेस और प्रदेश सरकार से पूछा कि घोषित गारंटी के तहत प्रदेश की 24 लाख से अधिक महिलाओं में से कितनी महिलाओं को लाभ मिला है, कितनी राशि वितरित की गई है और कितनी महिलाएं अब भी इस लाभ से वंचित हैं।
रमा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को आंकड़ों के साथ यह स्पष्ट करना चाहिए कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की गारंटी पर अब तक क्या प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दिल्ली में रैली के लिए लोगों को जुटाने के समय कांग्रेस को हिमाचल की जनता और महिलाओं की याद आ रही है, जबकि चुनावी वादों पर जवाब देने की बात आती है तो स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती। उन्होंने इसे कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच का अंतर बताते हुए प्रदेश सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
पहले महिलाओं के सवालों का जवाब दें अलका लांबा
रमा ठाकुर ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ रैली में 10 लाख लोगों को जुटाने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलका लांबा को हिमाचल की महिलाओं से समर्थन मांगने से पहले यह बताना चाहिए कि उनके खाते में 1,500 रुपये की गारंटी का लाभ पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता केवल चुनाव के समय वोट देने या राजनीतिक रैलियों में भीड़ बढ़ाने के लिए नहीं है। जनता अपने अधिकारों, सम्मान और विकास से जुड़े सवालों के जवाब चाहती है। रमा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को हिमाचल के लोगों को अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का साधन समझने के बजाय उनकी अपेक्षाओं और समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
रोजगार समेत अन्य गारंटियों पर भी मांगा जवाब
भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार को महिलाओं को 1,500 रुपये देने की गारंटी के साथ युवाओं को रोजगार देने सहित अन्य चुनावी वादों की स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर सवाल पर बहाने बनाना और आलोचना को राजनीतिक विरोध बताकर खारिज करना जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता। सत्ता में बैठी सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि वह अपनी चुनावी घोषणाओं पर हुई प्रगति का स्पष्ट विवरण जनता के सामने रखे।
खड़गे की कथित टिप्पणी पर भी कांग्रेस से मांगा स्पष्टीकरण
रमा ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में की गई कथित टिप्पणी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध की अपनी मर्यादा होती है और सार्वजनिक जीवन में शीर्ष नेताओं से अपने शब्दों के प्रति जिम्मेदारी बरतने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह ऐसी व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों को उचित मानती है। रमा ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद की गरिमा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
रमा ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की महिलाएं अपनी आर्थिक सहायता की गारंटी, युवा रोजगार और आम जनता विकास के वादों पर जवाब चाहती है। ऐसे में कांग्रेस को दिल्ली में रैली के लिए समर्थन मांगने से पहले प्रदेश की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले अपनी गारंटियों की स्थिति स्पष्ट करे और उसके बाद जनता से सहयोग की अपेक्षा रखे।
