रोजगार, शिक्षा, नशाखोरी और पेपर लीक के मुद्दों पर नौजवानों ने जताई चिंता; आउटसोर्स व्यवस्था खत्म कर स्थायी रोजगार की मांग
शिमला। भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) शिमला शहर का अधिवेशन कालीबाड़ी हॉल, शिमला में संपन्न हुआ। अधिवेशन में शहर के युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही संगठन को शिमला शहर में और मजबूत करने तथा युवाओं के सवालों को प्रमुखता से उठाने के लिए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
अधिवेशन के दौरान 35 सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया गया। इसमें शाहबाज खान को अध्यक्ष, अनिल ठाकुर को सचिव और साहिल को कैशियर चुना गया। नई कमेटी के सदस्यों में अमित, गुलशन, महेंद्र, अमन, सुरजीत, पवन, हरीश, आशीष, प्रवेश, तिलक, रोहित, कृतिका, सुहानी, स्नेहा, पलक, समीर, हिमांशु, कुशल, सुमित, आदित्य, पुनीत, नीतीश, अंकित, साहिल, रॉकी, शाहबाज खान, अनिल ठाकुर, संजय, संतोष, सरिता और रक्षा शामिल हैं।
नई कमेटी ने रोजगार, शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने का संकल्प लिया।

बेरोजगारी पर जताई चिंता, स्थायी रोजगार की मांग
अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों की तलाश में भटक रहे हैं। उनके अनुसार स्थायी रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के बजाय युवाओं को अस्थायी और आउटसोर्स व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अधिवेशन में आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त कर युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग उठाई गई।
नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर जोर
नौजवानों में बढ़ती नशाखोरी और प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। DYFI ने कहा कि नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसका संबंध युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक वातावरण से भी है। संगठन ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
खेल मैदान और सांस्कृतिक मंच उपलब्ध करवाने की मांग
अधिवेशन में युवाओं के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को पर्याप्त खेल मैदान, पुस्तकालय, सांस्कृतिक मंच और रचनात्मक गतिविधियों के अवसर मिलने चाहिए। DYFI शिमला शहर आने वाले समय में युवाओं को इन गतिविधियों से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी।

पेपर लीक मामलों पर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग
देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर भी अधिवेशन में चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। लाखों युवा वर्षों तक इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका समय, पैसा और भविष्य प्रभावित होता है। अधिवेशन में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की गई।
एचपीयू भर्ती मामले की न्यायिक जांच की मांग
अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और कथित फर्जी प्रोफेसर भर्ती के मामले को भी उठाया गया। DYFI ने इन आरोपों की न्यायिक जांच करवाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसी उच्च शिक्षण संस्थाओं में नियुक्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आने पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
युवाओं को संगठित करने का लिया संकल्प
नई कमेटी ने कहा कि आने वाले समय में DYFI शिमला शहर में रोजगार, शिक्षा, नशे के खिलाफ अभियान, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाएगी। संगठन ने जनहित के सवालों पर युवाओं को संगठित कर संघर्ष को आगे बढ़ाने की बात कही।
