शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबन्दी के बाद देश से 50 दिनों की मोहलत को याद करवाते हुए पूछा है कि अच्छे दिनों के सपने दिखाने वाले प्रधानमंत्री के वह 50 दिन कब पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि आज के दिन 2016 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 8 बजे एक विशेष संदेश से देश की अर्थव्यवस्था पर नोटबन्दी का एक तुगलकी फरमान जारी कर 500 व 1000 रूपए के नोट बंद करके जो चोट पहुंचाई है, उससे देश आज दिन तक नहीं उभर पा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश को भरोसा दिलाया था कि उन्हें 50 दिनों का समय दे सब कुछ ठीक हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि अगर व्यवस्था न सुधरी तो देश जो भी सजा देगा, उसे वह खुशी से स्वीकार करेंगे।
राठौर ने रविवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि आज चार साल हो गए, देश की अर्थव्यवस्था इससे अभी तक नहीं उभर पा रही है। इसका सबसे बड़ा असर देश के उद्योगों पर पड़ा, जिनके बंद होने से लाखों लोग बेरोजगार हो गए। उन्होंने कहा कि नोटबन्दी के दौरान एक ओर जहां लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं 100 से अधिक लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी।
राठौर ने कहा कि कांग्रेस आज इसके विरोध में विश्वासघात दिवस मना रही है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने देश के विश्वास को तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबन्दी से पूर्व पीएम मोदी ने किसी से भी कोई विचार विमर्श नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री ने किस के इशारे पर इतना बड़ा फैसला लिया था।राठौर ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद अगर इसकी जांच होगी, तो नोटबन्दी देश का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आएगा। उन्होंने कहा कि नोटबन्दी के बाद भाजपा के पास पैसा कहा से आ गया जो आज देश व जिलों मे अपने आलीशान कार्यालय बना रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर राहुल गांधी की चेतावनी को दर किनार कर आज देश बड़ी विकट स्थिति पर पहुंच गया है।
राठौर ने कहा कि आरबीआई ने भी खुलासा किया है कि नोटबन्दी के बाद 99 प्रतिशत नोट वापिस आए हैं। नोटबन्दी के बाद नए नोटों की छपाई पर 2015-16 में 3,421 करोड़ का खर्च आया, जबकि 2016 -17 में यह बढ़कर दुगना यानी 7,965 करोड़ आया। साफ है कि इस नोटबन्दी ने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया और देश की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट पहुंचाई है।
राठौर ने कहा कि विदेशों से काला धन वापिस लाने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री ने देश का धन ही बाहर भेज दिया। इनके सहयोगी बैंकों का करोड़ों अरबों लोन लेकर आज भी विदेशों में ऐश कर रहे हैं। मोदी इन लोगों को भारत वापिस तक नहीं ला पाए। उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वह देश को पूंजीपतियों के इशारे पर चला रहे हैं। कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जानना चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था कब पटरी पर आएगी। बेरोजगारी कब खत्म होगी। देश का पैसा खा कर विदेश भाग गए कब वापस लाये जाएंगे। उनसे कब वसूली होगी। देश की जीडीपी कब सुधरेगी। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा,जगत सिंह नेगी, सुशांत कपरेट, किरण धान्टा, विनय शर्मा व सौरभ चौहान मौजूद थे।
