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प्रदेश सरकार अनूसचित जाति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध 

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की 

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से एडमिशन फॉर्म में जाति का कॉलम खत्म करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को यहां हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज में जाति के नाम पर भेदभाव को खत्म करने का प्रयास कर रही है और समाज में आपसी भाईचारा होना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि स्कूल के दाखिला फॉर्म में जाति का कॉलम खत्म करना इस दिशा में एक शुरूआत होगी ताकि बच्चे किसी हीन भावना से ग्रस्त न हों। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति समुदाय के लोग अपनी जाति का कॉलम भर सकेंगे ताकि उन्हें इन योजनाओं लाभ निर्बाध प्राप्त होता रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं का समाधान करने को प्राथमिकता दे रही है। वर्तमान सरकार ने इस समुदाय का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं और सभी पात्र व्यक्तियों को इसके बारे में जागरूक होना चाहिए ताकि वे इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के अन्तर्गत 100 किलोवाट से 2 मैगावाट तक परियोजनाएं लगाने के लिए राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्र में 5 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों में 4 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये का ऋण भी उपलब्ध करवा रही है ताकि वे धन के अभाव में अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर न हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अति निर्धन परिवारों के लिए अपना परिवार सुखी परिवार योजना लागू करने जा रही है। इसके तहत इन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा इन परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार 8,41,917 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रही है। वृद्ध पुरूषों को 1000 रुपये, महिलाओं, दिव्यांगजनों, विधवाओं, परित्यक्ता/एकल महिलाओं को 1500 रुपये तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों तथा 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को 1700 रुपये प्रति माह की दर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में पैंशन योजना पर लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, बच्चों तथा वृद्धों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर इस वित्त वर्ष में लगभग 314.90 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम पर 1105.37 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सी.पी. वर्मा, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित खिमटा, हिमाचल प्रदेश अनूसचित जाति कल्याण बोर्ड के गैर सरकारी एवं सरकारी सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 

By admin

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