शिमला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिमला में शहरी विकास विभाग के निदेशक डॉ. नीरज कुमार से भेंट कर 76 शहरी निकायों के लगभग 2300 पेंशनरों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा और विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के मीडिया प्रभारी सैनराम नेगी, हिमाचल प्रदेश शहरी स्थानीय निकाय सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शिव सिंह सेन, जिला सिरमौर प्रधान इकबाल परवेज, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सेन, जिला उपाध्यक्ष सुभाष ठाकुर, जिला मंडी प्रधान प्रवीण शर्मा तथा जिला शिमला के सुखदेव सिंह मटठू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
भूपराम वर्मा ने बताया कि जून 2026 में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी स्थानीय निकायों के लगभग 2300 पेंशनरों को 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के आधार पर पेंशन देने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। हालांकि इसके लिए सरकार की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी और संबंधित निकायों को ही इसका खर्च वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक इन पेंशनरों को 1 जनवरी 2006 के आधार पर ही पेंशन मिल रही है। शहरी विकास विभाग ने 4 जून 2026 को जारी आदेशों के माध्यम से सभी निकायों को स्वीकृति के लिए मामले भेजने के निर्देश दिए थे।
बैठक में शिव सिंह सेन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1994, हिमाचल प्रदेश पालिका कर्मचारी सेवा नियम तथा कर्मचारी सेवा नियम-2006 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन और भविष्य निधि का संचालन शहरी विकास विभाग के माध्यम से किया जाना चाहिए।
सेन ने बताया कि इस दौरान निदेशक डॉ. नीरज कुमार ने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 300 मामलों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि शेष मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए निदेशालय स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
निदेशक ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1994 तथा संबंधित सेवा नियमों के प्रावधानों के अनुरूप आगामी वर्ष 16वें वित्त आयोग के लागू होने के बाद आवश्यक व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
