तकनीकी शिक्षा मंत्री ने घुमारवीं में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की
लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में सुनी जन समस्याएं, अधिकांश का मौके पर किया निपटारा
बिलासपुर। नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने घुमारवीं में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय भवन के निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त 7 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। राजेश धर्माणी बुधवार को घुमारवीं में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं में मिनी सचिवालय भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो जाएंगी। जिससे न केवल विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को सहूलियत होगी बल्कि आमजन के समय की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न विभागों के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर चल रहे हैं जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मिनी सचिवालय भवन में एसडीएम, तहसील, डीएसपी, सीडीपीओ, आयुष, प्रारंभिक शिक्षा, सूचना एवं जनसंपर्क, कृषि, बागवानी सहित लगभग एक दर्जन से अधिक विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में स्थापित हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी रहेगी।
राजेश धर्माणी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मिनी सचिवालय भवन निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश सरकार द्वारा ओर अधिक धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि निर्माण कार्य को समयबद्ध पूर्ण किया जा सके। इसके अतिरिक्त घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में चल रहे अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की तथा इन्हे भी समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिये ताकि लोगों को विकास योजनाओं का जल्द लाभ प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है तथा विभिन्न विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। इसके उपरांत उन्होंने जन समस्याएं भी सुनीं तथा अधिकतर का मौके पर ही समाधान कर दिया जबकि शेष समस्याओं के समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये।
