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भाजपा नेताओं ने सरकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन, हस्तक्षेप की मांग की 

शिमला‌। भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लोकभवन में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला और प्रदेश सरकार के दो महत्वपूर्ण जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ ज्ञापन सौंपे। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कोषाध्यक्ष कमल सूद, सह मीडिया प्रभारी रमा ठाकुर तथा प्यार सिंह कंवर उपस्थित रहे।

भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार द्वारा कमला नेहरू अस्पताल, शिमला की गायनी सेवाओं को आईजीएमसी में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर खतरा भी है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पिछले कई दशकों से प्रदेश की महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य करता रहा है, लेकिन बिना किसी स्पष्ट अधिसूचना के “साइलेंट शिफ्टिंग” के माध्यम से इसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा नेताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि आईजीएमसी शिमला पहले ही अपनी क्षमता से अधिक भार झेल रहा है। ऐसे में 300 बेड के विशेष अस्पताल की सेवाओं को वहां स्थानांतरित करना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। भाजपा ने यह भी उल्लेख किया कि कमला नेहरू अस्पताल के उन्नयन पर 20 करोड़ रुपए से अधिक का सार्वजनिक धन व्यय किया गया है, जिसे इस निर्णय के माध्यम से निष्प्रभावी किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने आशंका जताई कि अस्पताल की भूमि का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जो एक गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शिमला शहर की प्रतिबंधित एवं बंधित सड़कों पर पास शुल्क में 5 गुणा वृद्धि के निर्णय को भी जनविरोधी बताते हुए राज्यपाल के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के तहत प्रोसेसिंग फीस 100 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए, पास शुल्क 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए तथा अन्य शुल्कों में भारी वृद्धि की जा रही है, जो आम जनता, व्यापारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी।

भाजपा नेताओं ने कहा कि यह निर्णय अनुचित है और केवल इसे मात्र राजस्व संग्रह का माध्यम बना दिया गया है। इससे आम नागरिकों में असंतोष का माहौल उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कठोर दंडात्मक प्रावधान, जैसे भारी जुर्माना और कारावास, लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है।

भाजपा ने राज्यपाल से आग्रह किया कि इन दोनों मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए कि कमला नेहरू अस्पताल की सेवाओं को यथावत बनाए रखा जाए और प्रतिबंधित मार्गों के पास शुल्क में की गई भारी वृद्धि को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश सरकार के ये निर्णय जनता के हितों के खिलाफ हैं और भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनआंदोलन को और तेज करेगी। 

By admin

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