Spread the love

एचपीटीडीसी होटलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी और नए प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं, छिपे एजेंडे की ओर इशारा 

जसवां-प्रागपुर में अपार पर्यटन व वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं, फिर भी सरकार की अनदेखी 

धर्मशाला। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने पर्यटन निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली पर राजनीतिक हमला बोला है। साथ ही कहा कि कांग्रेस सरकार के भीतर गहरी अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि अब सरकार के नेता अपनी-अपनी छवि बचाने के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि उनकी नीतियों के कारण प्रदेश की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि एक ओर एचपीटीडीसी के होटल घाटे में होने की बात कही जा रही है और उनके नवीनीकरण के लिए सरकार से धन की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं होटलों को ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस के नाम पर निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया जा रहा है। यह सीधा-सीधा विरोधाभास है, जो सरकार की नीयत और नीतियों दोनों पर सवाल खड़ा करता है। 

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है। पहले सरकारी संपत्तियों को कमजोर किया जाता है, फिर उन्हें घाटे में दिखाकर निजी हाथों में सौंप दिया जाता है। इससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता जनहित नहीं बल्कि अपने चहेते लोगों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मौजूदा एचपीटीडीसी होटल ही ठीक से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, तो 250 करोड़ रुपए खर्च करने और नगरोटा में 180 करोड़ रुपए का 5 सितारा होटल बनाने की घोषणा का क्या औचित्य है? यह दर्शाता है कि सरकार केवल नई घोषणाओं के माध्यम से अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने की योजना बना रही है। 

बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पुराने होटलों को लीज पर अपने लोगों को देना और नए प्रोजेक्ट्स के नाम पर ठेके अपने ठेकेदार मित्रों को दिलाना ही कांग्रेस सरकार का असली एजेंडा है। यह प्रदेश के संसाधनों की खुली लूट है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार और उसके विधायक मिलकर हिमाचल को दोनों हाथों से लूटने में लगे हुए हैं। सरकार के भीतर न कोई पारदर्शिता है और न ही कोई स्पष्ट नीति, केवल अपने-अपने क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने की होड़ लगी हुई है।

बिक्रम ठाकुर ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों केवल नादौन  और नगरोटा जैसे क्षेत्रों में ही पर्यटन परियोजनाओं की घोषणाएं की जा रही हैं? क्या प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं नहीं हैं? यह स्पष्ट रूप से क्षेत्रीय भेदभाव को दर्शाता है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र जसवां-प्रागपुर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां व्यास नदी के किनारे विशाल जल क्षेत्र और पोंग डैम जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध झील मौजूद है, जहां हर वर्ष हजारों विदेशी पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। यह क्षेत्र पर्यटन, इको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के लिए अत्यंत उपयुक्त है, लेकिन सरकार की नजर यहां नहीं पड़ती क्योंकि यहां उनके राजनीतिक हित नहीं जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती, तो पूरे प्रदेश में संतुलित और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाता। लेकिन वर्तमान सरकार केवल चुनिंदा क्षेत्रों को लाभ पहुंचाकर राजनीतिक फायदे लेने में लगी हुई है। 

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में संगठन और सरकार के बीच तालमेल पूरी तरह समाप्त हो चुका है। नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार अंदर से बिखरी हुई है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *