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पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में हिमाचल को 294 नई सड़कों की स्वीकृति मिली, निर्माण पर 2271 करोड़ रुपये की आएगी लागत 

शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में आज भी 700 बस्तियां ऐसी हैं, जो सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन बस्तियों की आबादी 250 से अधिक है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण के लिए भूमि विभाग को गिफ्ट डीड के रूप में न देने के कारण यहां तक सड़कें नहीं बन पाई हैं। वे वीरवार को यहां पत्रकार वार्ता के दौरान बोल रहे थे।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण के तहत हिमाचल को 294 नई सड़कों की स्वीकृति मिली है, जिनके निर्माण पर 2271 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनसे लगभग 1538 किलोमीटर सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पीएमजीएसवाई-1 की सड़कों की मरम्मत को भी पीएमजीएसवाई-4 के साथ जोड़ने की अनुमति दी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे भूमि की गिफ्ट डीड विभाग के नाम करें, ताकि विशेषकर पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में सड़कें समय पर बनाई जा सकें। 

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को करीब 4000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें भरमौर, ओट, लुहरी और सेंज जैसे इलाके प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि भरमौर के नेशनल हाईवे को भारी क्षति पहुंची है। मेंटनेंस के लिए केंद्र सरकार से केवल 19 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की सहायता अब तक नहीं मिली है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार अपने स्तर पर सड़कों की बहाली में लगी हुई है। वर्तमान में 50 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिन्हें जल्द पूरी तरह बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

टारिंग कार्यों की गुणवत्ता में कोताही नहीं होगी सहन 

लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि मौसम सामान्य होने के चलते राज्य के कई इलाकों में टारिंग के कार्य चल रहे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में यदि लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विकास के साथ देव परंपराओं का सम्मान

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विकास जितना आवश्यक है, उतना ही जरूरी देव परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं का सम्मान भी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद न हों। उधर, ठेकेदारों के भुगतान को लेकर उन्होंने बताया कि कुछ पेमेंट्स जारी कर दी गई हैं, जबकि ट्रेजरी संबंधी दिक्कतों के कारण कुछ भुगतान लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग अवैध डंपिंग पर भी सख्त कार्रवाई करेगा, ताकि पर्यावरण और सड़क सुरक्षा पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

दाड़लाघाट से शिमला तक के एनएच के रखरखाव का जिम्मा अब लोक निर्माण विभाग के पास 

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि दाड़लाघाट से शिमला तक के नेशनल हाइवे के रखरखाव का जिम्मा अब लोक निर्माण विभाग को दे दिया गया है। नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ने इसको लेकर विभाग को पैसे भी जारी कर दिए हैं। 44 किलोमीटर लंबे इस नेशनल हाइवे पर जगह-जगह डंगे गिर चुके हैं और रोड में भी गड्डे पड़े हुए हैं। ऐसे में अब जल्द ही लोक निर्माण विभाग इस नेशनल हाइवे को दुरूस्त करने का कार्य करेगा। विभाग को इसके लिए टेंडर लगाने को कहा गया है। 

By admin

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