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पारंपरिक उत्पाद बने लोगों की पहली पसंद  

शिमला। राजधानी के समीप जुन्गा में शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल एवं हॉस्पिटैलिटी एक्सपो-2025 के दौरान रसायन मुक्त उत्पादों की खुशबू खूब महकने लगी। बता दें कि 25 से 28 अक्तूबर तक चलने वाले इस फेस्टिवल में जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री हो रही है। 

सोमवार को जाइका वानिकी परियोजना के उत्पाद खरीदने के लिए असंख्य लोग स्टॉल पर पहुंचे और जमकर खरीददारी की। उन्होंने जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना की। इस अवसर पर जाइका वानिकी परियोजना के परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज हम लोग मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि हमारा स्वास्थ्य ठीक रहे। रसायन प्रयोग से बेशक उत्पादन बढ़ता है, परन्तु उनके नुकसान भी बहुत हैं। इसलिए प्राकृतिक उत्पादों का अधिक से अधिक उत्पादन करने की आवश्यकता है। इसके साथ-साथ लोगों की आजीविका में सुधार होगा और उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी।

श्रेष्ठा नंद शर्मा ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आजीविका में सुधार लाने के लिए वर्ष 2018 से बेहतरीन कार्य कर रही है, जो निरंतर जारी है।

चुल्ली तेल और हैंडलूम प्रोडक्ट्स की अधिक बिक्री 

शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल के दौरान चुल्ली का तेल और हैंडलूम प्रोडक्ट्स की अधिक बिक्री हो रही है। इसके अलावा अखरोट, कोदे का आटा, पाइन नीडल प्रोडक्ट्स, किन्नौरी राजमाह, किन्नौरी टोपी और हाफ जैकेट्स, ओगला और चुल्ली की बिक्री भी हो रही है। पिछले वर्ष की भांति इस बार भी पारंपरिक उत्पाद लोगों की पहली पसंद बन गई है।

By admin

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