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नशा मुक्ति केंद्र में उपचार, परामर्श और पुनर्वास की होंगी समुचित सुविधाएं

बिलासपुर। बिलासपुर जिला मुख्यालय के बचत भवन में वीरवार को पुलिस विभाग की ओर से जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में उन्होंने बताया कि जिला के स्वारघाट क्षेत्र में 15 बिस्तरों का नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा।

उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि यह केंद्र नशीले पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार, परामर्श, और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करेगा ताकि वे आत्मनिर्भरता के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट सकें और एक स्वस्थ, संतुलित जीवन जी सकें। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर की सीमाएं अन्य राज्यों के साथ लगती हैं और यहां से कुल्लू-मनाली के लिए फोरलेन भी गुजरती है, जिसके चलते नशीले पदार्थों की तस्करी में वृद्धि देखी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में नशा मुक्ति केंद्र की आवश्यकता महसूस की गई।

उपायुक्त ने कहा कि इस केंद्र के संचालन में समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग लिया जा रहा है, जिसमें खानपान, सुविधाएं और अन्य सहायताएं शामिल हैं। केंद्र के समीप ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं भी नशा मुक्ति केंद्र को उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक और अन्य आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन भी इस दिशा में जन-जागरूकता अभियानों को बढ़ावा दे रहा है।

नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के लिए कमरे, शौचालय, भोजन, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, व्यायामशाला, खेलकूद, ध्यान और योग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि मरीजों का सर्वांगीण पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।

वर्ष 2025 में अब तक 8.352 किलोग्राम चरस, 519.54 ग्राम चिट्टा पकड़ा – एसपी 

बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष अब तक नशीले पदार्थों की जब्ती में इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में जहां 22.997 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में अब तक 8.352 किलोग्राम चरस पकड़ी जा चुकी है। इसी प्रकार, वर्ष 2024 में 302.17 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था, जबकि वर्ष 2025 में अब तक 519.54 ग्राम चिट्टा पकड़ा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 24.92 ग्राम अफीम, 5.165 किलोग्राम चूरा पोस्त (2024) और वर्ष 2025 में अब तक 3.105 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त किया गया है।

एसपी संदीप धवल ने यह भी बताया कि जिले के शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला पुलिस के अधिकारी शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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