कहा – 8 दिन पूरे हो गए और सरकार को आपदाग्रस्त इलाकों की चिंता नहीं बोले – अगर सेवा को मुख्यमंत्री राजनीति समझते हैं तो वह करते रहेंगे पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर संभाल चुके हैं आपदा के समय को
शिमला। प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से हुई तबाही को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सड़क, पानी और पुनर्वास की कोई व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई है। बिंदल ने आरोप लगाया कि 8 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार आपदा प्रभावितों के लिए राहत कार्यों में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
डॉ. बिंदल ने मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि मंडी जिले में भारी बारिश के कारण करीब 1000 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 300 से 500 घर पूरी तरह ढह गए, जबकि 500 आंशिक रूप से टूटे हैं। 200 से अधिक जगहों पर बाग-बगीचे और कृषि भूमि पूरी तरह नष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने से हालात और भयावह हो गए हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग की परियोजनाएं बंद पड़ी हैं और लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा, “सरकार ने अभी तक पानी की पूर्ति हेतु कोई वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी नहीं की है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” पंडोह और मंडी के अधिकांश रास्ते बंद हैं और सरकार ने इन्हें खोलने के लिए भी कोई ठोस प्रयास नहीं किया।
भाजपा ने त्रासदी के पहले दिन से दिखाई सक्रियता
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा नेताओं ने आपदा के पहले दिन से ही राहत कार्य शुरू कर दिए थे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक विनोद कुमार, दीपराज कपूर और तीन भाजपा टीमें लगातार जमीन पर काम कर रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर जयराम ठाकुर मंडी न पहुंचे होते तो शायद सरकार को इस त्रासदी की गंभीरता का एहसास ही न होता।
सेवा को राजनीति समझते हैं तो हम करते रहेंगे
मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा पर आपदा के समय राजनीति करने के आरोप पर डॉ. बिंदल ने जवाब दिया कि अगर राशन किट, बर्तन किट और कंबल वितरण, प्रभावितों के बीच जाकर दुख बांटना राजनीति है तो भाजपा यह राजनीति करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर मुख्यमंत्री और उनके नेता भी जनता के बीच जाकर उनका दर्द बांटते।
पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल से की तुलना
डॉ. बिंदल ने कहा कि 2001 में जब आपदा आई थी तो प्रेम कुमार धूमल ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए थे और लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचे थे। कोविड महामारी के समय जयराम ठाकुर ने भी प्रदेश को संभाला था। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों ने अपने घर और बगीचे खो दिए हैं, उन्हें जमीन उपलब्ध करवाई जाए।
बिंदल ने कहा कि पंडोह में 16 मेगावाट का बिजली प्रोजेक्ट पूरी तरह बह गया है। मंडी में 15 से अधिक पुल टूट गए, एक ट्रांसफार्मर 500 मीटर दूर जा गिरा, नाचन से एक शव देहरा डैम में मिला, और टमाटर की पूरी फसल नष्ट हो गई। लंबाताज गांव के 25 घर और कई पांच मंजिला इमारतें पूरी तरह खत्म हो गई हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है मानो लाखों टन मलबा मंडी में गिर गया हो।”
