शिमला। शिमला की 115 वर्ष पुरानी राजपूत स्थानीय सभा की नई कार्यकारिणी का रविवार को गठन किया गया। एडवेंचर रिसॉर्ट न्यू कुफरी में चुनाव आयोजित किए गए। इसमें सभा के नए अध्यक्ष के रूप मे सर्वसम्मति से बलदेव सिंह ठाकुर को चुना गया। उधर, अमर सिंह राठौर को उपाध्यक्ष और महासचिव के रूप में पंकज चौहान का चयन हुआ। वहीं, कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी वीरेंद्र कंवर को सौंपी गई, जबकि प्रेस सचिव के रूप में रीना वर्मा को चुना गया।
मुख्य पदों के अलावा, एक सशक्त कार्यकारी समिति (एग्जिक्यूटिव कमेटी) का भी गठन किया गया है, जिसमें छः सदस्यों को शामिल किया गया है। इनमें खुशी राम ठाकुर, नरेश चौहान, सुबनीत चौहान, अजीत ठाकुर, एस.एस. डेस्टा और अजय ठाकुर शामिल हैं। सभा के मार्गदर्शन और परामर्श के लिए अनुभवी सदस्यों को सलाहकार मंडल में नियुक्त किया गया है, जिनमें बी.एस. हिमालवी, एस.एस. धडवाल और एच.एस. राणा शामिल हैं। यह कार्यकारिणी अगले दो वर्षों के लिए चुनी गई है।
इस अवसर पर बलदेव ठाकुर ने बताया कि राजपूत स्थानीय सभा शिमला की स्थापना 115 वर्ष पूर्व 1910 में की गई थी, जिसे उस समय में लाहौर में पंजीकृत किया गया था, लेकिन इसका कार्य क्षेत्र शिमला रहा। आजादी के आंदोलन में जहां राजपूतों के लिए यह सभा मुख्य संगठन के रूप में कार्य करती रही, वहीं वर्ष 1970 में नए कानून के तहत इसे शिमला में दोबारा पंजीकृत किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले 115 वर्षों के स्वर्णिम इतिहास के साथ ही आज भी यह संस्था शिमला में राजपूत समाज के संगठन में एक अहम भूमिका निभाती है।
बलदेव ठाकुर ने बताया कि वर्तमान समय में भी संघ में ही शक्ति निहित है जिसके लिए राजपूत स्थानीय सभा के तहत एक बार फिर से समाज का संगठित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता के उद्देश्य से कार्य करने वाली इस संस्था के अध्यक्ष के रूप में वे सबसे पहले राजपूत समाज को संगठित करने के लिए संस्था की ओर से व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान को प्राथमिकता देंगे, जिससे राजपूत समाज आने वाले समय मे एकजुट हो और मिलकर समाज के हितों के लिए प्रयास कर सके। उन्होंने नई कार्यकारिणी को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह नई टीम समुदाय के हितों की रक्षा और विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करेगी।
