शिमला। सुरेश कश्यप ने बाबरी मस्जिद केस का सीबीआई कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले का स्वागत किया है। आज 28 साल बाद बाबरी मस्जिद केस में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित 32 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के माध्यम से आज यह ऐतिहासिक फैसला सामने आया है, जिसमें कोर्ट ने माना है कि बाबरी में हुई घटना अचानक हुई थी और तस्वीरों के आधार पर किसी को दोषी करार नहीं दिया जा सकता।
सुरेश कश्यप ने कहा कि ढांचा दहन की घटना अचानक शुरू हुई थी और उसके पीछे कारसेवकों की कोई मंशा नहीं थी। अशोक सिंघल जैसे वरिष्ठ नेता भी ढांचे को सुरक्षित रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय के इंतजार के बाद आज कोर्ट के माध्यम से भी सच्चाई सामने आई है इसका हम सभी तहे दिल से इस फैसले का स्वागत करते हैं।
