भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
विधानसभा अध्यक्ष के तानाशाही पूर्ण रवैये की भी शिकायत की
शिमला। भाजपा विधायक दल ने राज्य की खराब होती आर्थिक स्थिति और विधानसभा अध्यक्ष के तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ सोमवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को ज्ञापन सौंपा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में राजभवन पहुंचकर भाजपा विधायक दल ने राज्य में खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि आज दो सितंबर हो गया है और राज्य के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला और पेंशनरों को पेंशन भी नहीं मिली।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बताया कि भाजपा विधायक दल ने सोमवार शाम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का व्यवहार सदन के अंदर और बाहर जहां विधायकों की भावना को आहत कर रहा है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचा रहा है। ज्ञापन में उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सदन के अन्दर तो विधानसभा अध्यक्ष का रवैया पक्षपात एवं तानाशाही पूर्ण रहता है। हमेशा नियमों एवं परम्पराओं के खिलाफ काम करते हुए सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान एक कार्यक्रम में विधानसभा ने भाषण देते हुए कहा, ”मैंने छः विधायकों के सिर कलम कर दिए हैं और तीन मेरे आरे के नीचे तड़प रहे हैं।” ये शब्द अलोकतांत्रिक व असंसदीय हैं। इससे विधायकों की भावना आहत हुई हैं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष पद की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। सदन के अन्दर विधायक इन्द्र दत्त लखनपाल द्वारा यह मुद्दा उठाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने खेद प्रकट करना तो दूर शब्द भी वापिस नहीं लिए और उल्टा सदन के बाहर फिर गैर जिम्मेदाराना टिप्पणियां की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सोमवार को भाजपा विधायक दल ने नियम-274 के अन्तर्गत विधानसभा सचिव को विधानसभा अध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प प्रस्तुत किया। इसके बावजूद विधानसभा सत्र शुरू होने के बाद अध्यक्ष अपने आसन पर आकर बैठ गए, जबकि नैतिकता के आधार पर उन्हें संकल्प पेश होने और उस पर चर्चा तथा मतदान होने तक आसन पर नहीं आना चाहिए था।
जयराम ठाकुर ने राज्यपाल से कहा कि भाजपा विधायक दल ने नियम-67 के तहत प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया था, जिस पर भी कोई गौर नहीं फरमाया गया। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि आप जानते हैं आज सितम्बर माह की दो तारीख हो गई, परन्तु कर्मचारियों को वेतन और पेंशनरों को पेंशन का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश आर्थिक दिवालियेपन की कगार पर पहुंच गया है। प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण वित्तीय संकट इतना गहरा गया है कि हालात आर्थिक आपातकाल जैसे पैदा हो गए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से निवेदन किया कि प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों विशेषकर आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित कार्रवाई करने की कृपा करें।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ इस अवसर पर विधायक रणधीर शर्मा, विपिन परमार, अनिल शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, राकेश जम्वाल, रीना कश्यप, प्रकाश राणा, इंदर सिंह गांधी, सुधीर शर्मा, पवन काजल, बिक्रम ठाकुर, दीपराज कपूर, दिलीप ठाकुर, आशीष शर्मा, सुरेंद्र शौरी, जीतराम कटवाल, सतपाल सत्ती, सुखराम चौधरी, हंस राज, बलबीर वर्मा, जनक राज उपस्थित रहे।
