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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में हुए तीन चरणों के चुनाव ने भाजपा की 400 सीटों काे हासिल करने की हवा निकाल दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा मुद्दों पर बात करने से भाग रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर काेई बात नहीं कर रहे हैं। इससे साफ दिख रहा है कि भाजपा पूरी तरह से बौखलाहट में है और तभी लाेगाें का ध्यान भटकाने के लिए माेदी हिंदू-मुस्लिम की बात कह कर चुनाव काे दूसरी दिशा की ओर ले जा रहे है। 

नरेश चाैहान ने सोमवार को यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा चुनाव काे दूसरी दिशा की ओर ले जा रही है। इसलिए तीन चरणों के चुनाव में हुए मतदान ने भाजपा बाैखलाहट में है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सेब बहुल इलाकों में चुनाव प्रचार करने गए जयराम ठाकुर का वह बयान पूरी तरह से हास्यास्पद है, जिसमें उन्हाेंने कहा कि सेब का समर्थन मूल्य 50 रुपए था। 

नरेश चाैहान ने जयराम ठाकुर से पूछा कि सेब का समर्थन मूल्य 50 रुपए कब था। उन्हाेंने भाजपा की केंद्रीय नेता मीनाक्षी लेखी पर भी झूठे आंकड़े पेश कर लाेगाें काे गुमराह करने की बात कही। उन्होंने मीनाक्षी लेखी के उस बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया बताई, जिसमें मीनाक्षी ने शिमला के ऊपरी क्षेत्राें में कई जगहाें पर बिजली न हाेने की बात कही। उन्होंने ने कहा कि हिमाचल में सभी गांवों में सालों पहले बिजली पहुंच चकी है और हर घर बिजली‌ से‌ रौशन है। यहां के ट्राइबल एरिया में भी बिजली है। उन्हाेंने प्रदेश के भाजपा नेताओं से कहा कि वह अपने केंद्रीय नेताओं को प्रदेश की पूरी और सही तस्वीर पेश करे‌। 

सेब का आयात शुल्क घटाने में बीत गए 10 वर्ष, बागवान अभी भी कर रहे इंतजार 

नरेश चाैहान ने केंद्र की माेदी सरकार काे सेब के आयात शुल्क मामले पर भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने 2014 और 2019 के लाेकसभा चुनाव में प्रदेश के बागवानाें काे ठगा कि वह सत्ता में आने के बाद सेब के आयात शुल्क काे शत प्रतिशत तक बढ़ा देंगे, लेकिन आयात शुल्क बढ़ाना ताे दूर, जाे लगा था उसे भी 75 फीसदी से घटा कर 50 फीसदी कर‌ 3 लाख बागवानाें के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि सेब बागवान इस आयात शुल्क को 100 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं। सेब पर आयात शुल्क घटने से प्रदेश से सेब बागवानों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है और कोल्ड स्टोर में रखे सेब की प्रति पेटी पर 800 से 1200 रुपये घाटा हो रहा है।

नरेश चौहान ने कहा कि बिना ड्यूटी का सेब अफगानिस्तान और ईरान से भारत आ रहा है, जिस कारण प्रदेश की सेब बागवानी संकट में है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इसका खामियाजा लाेकसभा और उपचुनाव में भुगतना पड़ेगा। 

चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सेब पर समर्थन मूल्य बढ़ाने के साथ-साथ पिछले सीजन में प्रति किलो के हिसाब से सेब की बिक्री सुनिश्चित की जिससे उन्हें फायदा हुआ। अगले सेब सीजन से राज्य सरकार यूनिवर्सल कार्टन को लागू करने जा रही है। इसके साथ साथ कोल्ड स्टोर का इंफ्रास्टक्चर मजबूत किया जा रहा है और सेब बागवानों को लाभ देने के लिए शिमला जिला के पराला में फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई है। 

By admin

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