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शिमला। विधायक हरीश जनारथा एवं विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इस सीजन से सेब की बिक्री के लिए यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू करने के लिए प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। दोनों विधायकों ने कहा कि यूनिवर्सल कार्टन सेब बागवानों की चिर लंबित मांग थी, जिसे वर्तमान कांग्रगेस सरकार ने पूरा किया है और सरकार के इस निर्णय से सेब बागवानों को समुचित लाभ सुनिश्चित होगा। 

जनारथा तथा गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार ने किसानों एवं बागवानों के हित में अनेकों निर्णय लिए हैं ताकि उनका आर्थिक तौर पर सशक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार सेब की बिक्री किलोगा्रम के आधार पर पिछले सीजन से आरम्भ कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने पिछले सीजन में सेब के समर्थन में डेढ़ रुपये की ऐतिहासिक बढ़ौतरी कर इसे 12 रुपये प्रति किलो किया गया था। दोनों ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने कीटनाशकों एव उर्वरकों पर मिलने वाली सब्सिडी को भी बहाल कर प्रदेश के लाखों सेब बागवानों को बड़ी राहत दी है जिसे पिछले भाजपा सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था। 

दोनों विधायकों ने कहा कि भाजपा किसान एवं बागवान विरोधी पार्टी है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में वायदा किया था कि विदेशी सेब पर आयात शुल्क को दोगुना किया जाएगा, लेकिन इसके विपरीत केन्द्र की भाजपा सरकार ने इसे घटाकर 35 प्रतिशत कर दिया, जिससे प्रदेश के बागवानों के साथ कुठाराघात हुआ है। उन्होंने कहा कि विदेशी सेब के बाजार में आने से हिमाचल प्रदेश की 5 हजार करोड़ रुपये की सेब अर्थव्यवस्था संकट में आ गई है, जिसके लिए केन्द्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बागवानों को कोल्ड स्टोर में रखे गए सेब के भी उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। विदेशी सेब आने से आज प्रदेश के सेब बागवानों को प्रति पेटी 800 से 1200 रुपये का नुक्सान उठाना पड़ रहा है। 

By admin

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