शिमला। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल युवा मतदाताओं से अपील की कि वे मताधिकार का उपयोग जानकारी, जिम्मेदारी, नैतिकता और संवेदनशीलता से करें। क्योंकि विवेक पर आधारित मतदान कर वे नये भारत का भविष्य भी निर्धारित करेंगे। उन्होंने आग्रह किया कि नये मतदाता मतदान के महत्व से अपने साथियों को भी जागरूक बनाएंगे। राज्यपाल वीरवार को यहां शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राज्य निर्वाचन द्वारा आयोग 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर बोल रहे थे।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की यह परंपरा लोकतन्त्र के लिए प्रासंगिक और सार्थक है। उन्होंने युवा मतदाताओं को ‘इलेक्शन फोटो आइडेंटिटी कार्ड्स’ प्राप्त करने पर बधाई दी तथा कहा कि उनके लिए विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र में, मतदाता के रूप में योगदान देने का अवसर मिलना गौरव की बात है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर मतदाताओं में जागरूकता पैदा करने तथा मतदान प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर सुचारु रूप से सम्पन्न करने में नागरिक सेवा, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और उनकी टीम, गैर-सरकारी संस्थान व अन्यों के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम् है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है। इसलिए हर एक व्यक्ति का वोट राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का हर वर्ष आयोजन सभी भारत के नागरिकों को अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की याद दिलाता है।
राज्यपाल शुक्ल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में निर्वाचन विभाग ने पूरी निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। न केवल चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाया है बल्कि मतदाताओं को चुनाव की लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी करता रहा है। उन्होंने गत विधानसभा चुनावों में 75 प्रतिशस से अधिक मतदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में करीब 55,57,924 मतदाता हैं और मतदान केन्द्रों की संख्या 7990 है। इनमें बहुत से केंद्र दुर्गम स्थानों पर हैं। इन स्थानों के लिए तथा बहुत से मतदाताओं की शारीरिक अवस्था के कारण उनके लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हर चुनौती का सामना करते हुए, हमारे मतदाताओं और निर्वाचन विभाग के संयुक्त प्रयासों के बल पर मतदान प्रक्रिया निष्पक्षता और सफलता के साथ सम्पन्न होती है। इस सफलता के लिए उन्होंने प्रत्येक मतदाता और राज्य निर्वाचन विभाग को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम है- ‘‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’’। इसका मूल उद्देश्य 18 वर्ष पूर्ण व इससे अधिक की आयु के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज़ करवाने के साथ निर्वाचनों में सभी मतदाताओं की भागीदारी को अधिक से अधिक बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस सोच से किए जाने वाले प्रयासों से ही जागरूकता आएगी और जब सभी अपने मतदान का उपयोग करेंगे तो निश्चित तौर पर लोकतंत्र और मजबूत होगा।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने नये मतदाताओं को ‘इलेक्शन फोटो आइडेंटिटी कार्ड्स’ भी वितरित किए। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का पुरस्कार भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने मतदाता शपथ भी दिलाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मनीष गर्ग ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य मतदाताओं में उनके अधिकारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है और नये मतदाताओं का स्वागत करना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में निर्वाचन विभाग अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मतादाताओं मेें मतदान के प्रति जागरूकता लाता है। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में प्रदेश में 75.8 वोट प्रतिशत रहा जो अब तक का सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने इसके लिए हिमाचल निर्वाचन आयोग की सराहना की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी लोकसभा चुनावों में भी इससे अधिक वोट प्रतिशत के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इससे पूर्व, राज्पाल ने नये मतदाताओं को जागरूक करने के लिए पोस्टर, सांग व वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया जो 1 मार्च, 2024 तक जारी रहेगा। उन्होंने ‘‘पोल डे मानीटरिंग सिस्टम 2.0’’ का भी शुभारम्भ किया। इस अवसर पर भारत के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव कुमार का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया।
इस अवसर पर, हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग तथा निर्वाचन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा सचिव राकेश कंवर तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस के तहत हर शिक्षण संस्थान में निर्वाचन साक्षरता को सुनिश्चित बनाया जाएगा ताकि 18 साल की आयु पूर्ण होने पर मतदाता वोट के महत्व को समझ सके और इनरोलमेंट शत प्रतिशत सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचना अधिकारी दलीप नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला, राजभवन के सचिव राजेश शर्मा शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर परउपस्थित थे।
