शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सोमवार को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बने। विक्रमादित्य सिंह प्रदेश के उन गिने चुने राजनेताओं में शुमार थे, जिन्हें अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। रामलला प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर विक्रमादित्य सिंह अयोध्या में वीवीआईपी के साथ दिखाई दिए।
रामलला प्राण प्रतिष्ठा के मौक पर साक्षी बने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने वहां हनुमानगढ़ी में भी शीश नवाया। उन्होंने प्रभु श्री राम से देश व प्रदेश की उन्नती व खुशहाली की कामना की। विक्रमादित्य ने कहा कि प्रदेश साल 2023 में दैवीय आपदा से जूझता रहा। उन्होंने ईश्वर से 2024 व भविष्य के सालों में प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने व हर प्रकार की आपदा से बचाए रखने की प्रार्थना की। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रामलला प्राण प्रतिष्ठा मौके का साक्षी बन कर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। देश व समूचे विश्व में आज का दिन ऐतिहासिक है।
उल्लेखनीय है कि विक्रमादित्य सिंह के पिता स्व. वीरभद्र सिंह की देव संस्कृति में प्रगाढ़ आस्था थी। देव संस्कृति के संरक्षक के तौर पर उन्हें सदैव याद किया जाता रहा है। स्व. वीरभद्र सिंह जबरन धर्मांतरण के खिलाफ रहे। प्रदेश में स्व. वीरभद्र सिंह के शासन में ही जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून बना था। विक्रमादित्य सिंह लगातार इस बात को कहते रहे हैं कि उनके परिवार की देव संस्कृति में आस्था है। उन्हें अयोध्या आने का भी निमंत्रण मिला है। लिहाजा उनकी अयोध्या यात्रा के राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
