शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सरकार की कैबिनेट ने नए साल में बड़े फैसले लिए हैं। इनमें दिव्यांग बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षण संस्थान खोलना, युवाओं को स्वरोजगार देने के मकसद से सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए जमीन देने पर युवाओं को एक तय आय देने का फैसला लिया है। इनके अलावा हाटी को एसटी का दर्जा देने का भी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस कर कैबिनेट में लिए फैसलों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दिव्यांग बच्चों के लिए अभी तक कोई स्टैंडर्ड का शिक्षण संस्थान नहीं है, जहां वे अच्छी स्कूली पढ़ाई और आगे की पढ़ाई कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने नए साल में इनके लिए एक बड़ा आधुनिक संस्थान बनाने का फैसला लिया है। इसमें स्कूल के साथ ही कॉलेज की इंटीग्रेटेड शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल पहले दिन सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए सुख आश्रय योजना लागू कर चार हजार अनाथ बच्चों को इसके दायरे में लाया था। इसके अलावा सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए राजीव गांधी स्टार्ट के फेस दो योजना लागू करने का भी फैसला लिया है। इसके तहत
सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने पर बेरोजगार युवा को हर माह न्यूनतम 20 हजार रुपए की आय मिलेगी। ये प्रोजेक्ट की क्षमता के मुताबिक दिए जाएंगे। उनका कहना था कि योजना के तहत प्रतिभागियों को तीन बीघा भूमि पर 100 किलोवाट क्षमता की परियोजना स्थापित करने के लिए 25 वर्षों तक लगभग 20,000 रुपये मासिक आय और क्रमशः पांच और दस बीघा भूमि में स्थापित की जाने वाली 200 किलोवाट और 500 किलोवाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए 40,000 रुपये व एक लाख प्रति माह आय प्राप्त होगी।
एससी को छोड़ कर ट्रांसगिरी के बाकी लोगों को एसटी का दर्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने के कानून को लागू करने का फैसला भी लिया है। वे 3 जनवरी को नाहन में इसका विधिवत ऐलान करेंगे। उन्होंने कहा कि इसको लेकर केंद्र सरकार से सितंबर माह में क्लैरिफिकेशन मांगी गई थी, जो अब आ चुकी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद अब सिरमौर में ट्रांसगिरी के एससी वर्ग के लोगों को छोड़कर बाकी सभी को एसटी का दर्जा दिया गया है।
8 जनवरी से “सरकार गांव के द्वार” कार्यक्रम चलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एक और फैसला लिया है। इसके तहत “सरकार गांव के द्वार” कार्यक्रम चलाया जायेगा। यह कार्यक्रम 8 जनवरी से 9 फरवरी तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलेगा। इसके तहत सभी विधायक हर दिन दो पंचायतों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो काम किए हैं, विधायक उनके बारे में लोगों को बताएंगे। वहीं, भविष्य में क्या करना है, इस बारे में भी लोगों के साथ भी चर्चा की जायेगी।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार को 86 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां विरासत में मिली थी। उन्होंने कहा कि आपदा की चुनौती से बखूबी निपट कर सरकार ने पर्यटन के मामले में प्रदेश को अपने पांव पर खड़ा किया है।
