शिमला। हिमाचल की कांग्रेस सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल के खिलाफ प्रदेश भाजपा ने सोमवार को शिमला में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी विशेष रूप से शरीक हुए।
इस प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सुक्खू सरकार अपने एक साल चल जाने का जश्न मना रही है। इस सरकार के पास नाकामियों के सिवा कुछ भी नहीं है, फिर भी जश्न मनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा दी गई योजनाओं को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब सरकार और मुख्यमंत्री अपनी नाकामियों का जश्न मना रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री और बाक़ी नेताओं ने कांग्रेस के आलाकमान को बुलाने की खूब कोशिश की। दिल्ली दरबार के कई चक्कर लगाए, लेकिन कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता सरकार के इस जश्न में आने को तैयार नहीं हुआ। प्रियंका गांधी वाड्रा तो शिमला आकर भी धर्मशाला की रैली में नहीं गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें पता है कि चुनाव के समय बोले गये हर झूठ का जवाब लेने के लिए प्रदेश के लोग हर सड़क चौराहे पर खड़े हैं और उनके पास जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि कम से कम कांग्रेस के बड़े नेताओं को इस बात का अहसास है कि इस सरकार के पास उपलब्धि के नाम पर जश्न मनाने जैसा कुछ भी नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ और क़द्दावर नेता यह जानते थे कि सुक्खू सरकार के पास लोगों को बताने के लिए एक भी उपलब्धि नहीं है। इसलिए सरकार की किरकिरी करवाने से बेहतर जश्न से दूरी बना ली जाए। इस बात को लेकर कांग्रेस और सरकार में भी दो फाड़ हो गए। उन्होंने कहा कि झूठ बोलकर बनाई गई सरकार को कांग्रेस अब झूठ बोलकर ही चलाना चाहती है। उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके झूठ के दिन अब लद गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश के लोगों को बताना चाहिए कि यह जश्न किस बात है। प्रदेश में आई आपदा की वजह से हज़ारों लोग बेघर हो गए, पांच सौ से ज़्यादा लोगों की दुःखद मृत्यु हो गई। सड़के, पुल, स्कूल, स्वास्थ्य भवन, पंचायत भवन और जनहित से जुड़े तमाम भवन तबाह हैं। स्कूलों में परीक्षा करवाने के लिए भी कमरे नहीं हैं। राहत के नाम पर लोगों को ज़ुबानी जमा खर्च की सिवाय कुछ नहीं मिला। लोगों की मांग पर खोले गये जनहित के डेढ़ हज़ार संस्थान बंद कर दिये गये। दस हज़ार से ज़्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया और एक भी नई नौकरी नहीं दी। ऐसे में सरकार द्वारा जश्न मनाने की बातें समझ से परे हैं।
पिछले एक साल से विकास ठप है और जनता त्रस्त – डॉ. बिंदल, कहा – सुख की सरकार में दुख का बोलबाला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि राज्य में पिछले एक साल से विकास ठप है और जनता त्रस्त है। पिछले एक साल में कांग्रेस की वर्तमान सरकार ने 1050 संस्थान बंद कर दिए। सड़कों के निर्माण कार्य रोक दिए। सैकड़ों में ऐसे पुल हैं जो बनने शुरू हो गए थे, उनका कार्य भी रोक दिया गाय। पीएचसी, आईपीएस, पीडब्ल्यूडी के डिवीजन बंद कर दिए। यह सारे कार्य पूर्व की भाजपा सरकार ने जनहित में खोले थे, जिससे विकास को तेज गति प्राप्त होनी थी, लेकिन अब प्रदेश का विकास अंतिम पायदान पर खड़ा इंतजार कर रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि महंगाई की मार से जन-जन परेशान है। एक साल में सरकार ने डीजल के ऊपर वेट दो बार बढ़ा दिया, जिससे डीजल 7 रुपए महंगा हो गया। इससे प्रदेश की जनता पर बोझ बढ़ गया। सीमेंट, सरिया, ईंट, रोड़ी और समस्त निर्माण कार्य में लग रही सामग्री महंगी हो गई, ट्रकों का किराया बढ़ गया। एचआरटीसी में किराए में बढ़ोतरी और आने जाने वाले सामान पर टिकट लगाकर जनता को परेशान करने में सरकार पीछे नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सुख की सरकार में दुख का बोलबाला है। सुख की सरकार का वादा करने वाली सरकार ने हिमाचल प्रदेश में हर वर्ग को दुख देने का कार्य किया है, महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह नहीं प्राप्त हुए, बेरोजगारों को रोजगार नहीं प्राप्त हुआ। पहली कैबिनेट में नौकरी नहीं मिल पाई, किसान अपनी फसलों का दाम तय नहीं कर पाए, यह सरकार गोबर नहीं खरीद पाए, दूध नहीं खरीद पाई , सरकार द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं पर रोक लगाई गई इस सरकार में केवल दुख दुख और दुख है।
