शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने किन्नौर के साथ लगती भारत चीन सीमा पर चीनी सैनिकों द्वारा सड़क निर्माण पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने पहले ही इस सड़क निर्माण को लेकर अपनी चिंता से सरकार को अवगत करवाया था, लेकिन सरकार ने इस पर अपनी कोई गंभीरता नही दिखाई है।
मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में राठौर ने कहा कि अब यही बात प्रदेश सरकार के एक मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने भी कही है कि चीन ने यहां 20 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस बारे अभी तक भी कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण नही आया है। इससे साफ है कि सरकार इसको लेकर कतई गम्भीर नहीं है।सीमावर्ती इन इलाकों में लोग दहशत में रह रहे है।
कुलदीप राठौर ने इस मामले पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस बारे स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार का एक मंत्री जो उस क्षेत्र से ताल्लुक रखता है, वह भी यह सब कह रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आना चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस की चिन्ता की पुष्टि हुई है और सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
राठौर ने कहा कि किन्नौर के सीमावर्ती इलाकों लोगों ने इस बारे एक वीडियो जारी कर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाह था। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के ध्यान में यह मामला आया तो उन्होंने पहले प्रेस के माध्यम से और बाद में प्रदेश के राज्यपाल को इस संदर्भ में एक ज्ञापन भारत सरकार को भेजा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश की चीन के साथ लगती सीमा पर चीनी सैनिकों का जमावड़ा और तेजी से हो रहा सड़क व अन्य निर्माण बहुत ही चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में प्रदेश के लोगों में डर व भय पैदा हो रहा है। इसलिए यहां पर पुलिस सतर्कता व अग्रिम सैन्य चौकियां स्थापित करने की तुरंत जरूरत है।
स्कैब के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाई जाएं दवाएं
राठौर ने सेब में फैलते स्कैब रोग पर भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए सरकार से बागवानों को उत्तम किस्म के दवाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बागवानी विशेषज्ञोंं ने पहले ही इस चिंता के बारे फरवरी में ही सरकार को सूचित किया था, लेकिन उस समय सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नही दिया। उन्होंने कहा कि सेब का यह रोग तेजी से फैल रहा है। उन्होंने बागवानी मंत्री के उस बयान को सिरे से नकारते हुए उन पर तंज किया कि वह बागवानी विशेषज्ञ बनने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि बागवान विशेषज्ञों की सलाह पर अपने पौधों पर कीटनाशक व फंगस दवाओं का छिड़काव करते हैं। इसलिए मंत्री का यह कहना कि बागवान अधिक या गलत छिड़काव करते हैं, पूरी तरह बेबुनियाद व हास्यास्पद है।
