कुल्लू। जिला कुल्लू में इन दिनों बरसात के चलते नदी नालों का जलस्तर बढ़ गया है और ब्यास नदी उफान पर है। बीते दिनों ब्यास नदी में आई बाढ़ से करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई है। वहीं अब छरुडू में लेफ्ट बैंक सड़क मार्ग को रिस्टोर करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। ऐसे में नदी के पानी को भी डायवर्ट किया जा रहा है। लेकिन इससे साथ लगते इलाकों को भी खतरा पैदा हो गया है।
बाशिंग पंचायत ने कुल्लू जिला प्रशासन से मांग की है कि पानी को सही तरीके से डायवर्ट किया जाए ताकि अगर दोबारा व्यास नदी में बाढ़ आती है तो बाशिंग के साथ लगते इलाकों को किसी प्रकार का नुकसान ना हो सके। बाशिंग पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल इसी मांग को लेकर डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग से भी मिला।
बाशिंग पंचायत के प्रधान डॉली ठाकुर ने बताया कि लेफ्ट बैंक सड़क मार्ग को रिस्टोर करने का कार्य किया जा रहा है जो बिल्कुल सही है। उन्हें इस पर कोई भी आपत्ति नहीं है। लेकिन ब्यास नदी का पानी दोनों और से डायवर्ट किया जाना चाहिए। क्योंकि मौसम विभाग के द्वारा फिर से मौसम खराब की चेतावनी दी गई है। ऐसे में अगर दोबारा से ब्यास नदी में बाढ़ आती है। तो बाशिंग पंचायत के साथ-साथ रामशिला को भी खासा नुकसान होगा।
वहीं, पूर्व जिला परिषद सदस्य दिनेश सेन ने बताया कि बाढ़ के चलते पहले ही जिला कुल्लू में काफी नुकसान हो चुका है। ब्यास नदी का पानी अगर डाइवर्ट होता है तो इससे एचआरटीसी की वर्कशॉप, रामशिला, वैष्णो माता मंदिर, पुलिस लाइन सहित कई अन्य भवनों को खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन लोक निर्माण विभाग को निर्देश जारी करें ताकि वे ब्यास नदी के पानी को सही तरीके से डायवर्ट करें।
