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शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि आपदा की वजह से प्रदेश पूरे प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। इस आपदा में किसानों और बागवानों को भी बहुत नुकसान हुआ है। लोगों के बगीचों में नुकसान हुआ है। खड़ी फ़सले खेतों में बर्बाद हो गई। जो बची रह गई वह सड़कें ख़राब होने की वजह से मंडियो में नहीं पहुंच पा रही है, जिसकी वजह से किसानों और बागवानों को नुक़सान उठाना पड़ रहा है। इस समय मंडियो में आने वाले सेब की ‘शैल्फ लाइफ’ अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए सड़कें न खुलने से इनके भी ख़राब होने का ख़तरा बढ़ गया है। इसलिए सरकार जल्दी से जल्दी सड़कों को सही करवाकर यातायात बहाल करवाए,‌ जिससे बागवानों और किसानों के उत्पाद आसानी से मंडियों में पहुंच सके और उत्पादक को आय हो।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के दस दिन बाद भी बहुत सी जगहों पर अभी भी कोई सरकारी सहायता नहीं पहुंची है। बिजली, पानी और नेटवर्क की सुविधाएं बहाल नहीं हो पाई है। दस दिन से बिना पानी की सप्लाई के लोग किस तरह से जीवन यापन कर रहे हैं, आज के समय में इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। लोग बारिश का पानी इकट्ठा करके अपना गुज़ारा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना बिजली, पानी, संचार और चिकित्सा सुविधाओं के बिना दस दिन से लोग सरकारी मदद का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन सरकारी मदद तो दूर कई गावों में आज तक सरकार का कोई प्रतिनिधि ही नहीं पहुंचा है। न वे लोग बाकी प्रदेश के बारे में जान पा रहे हैं और न ही बाक़ी प्रदेश के लोग उनके बारे में जान पा रहे हैं कि उन जगहों पर कौन सुरक्षित है कौन नहीं। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक स्थिति है क्योंकि लोगों के पास जो भी संसाधन बचे थे वह भी ख़त्म हो रहे हैं। ऐसे में सरकार को हर हाल में ऐसे क्षेत्रों में भी तुरंत राहत पहुंचानी चाहिए। इस आपदा में प्रभावितों को सिर्फ़ फ़ौरी राहत देने से काम नहीं चलेगा, बहुत नुक़सान है, लोगों के घर बह गये हैं। बगीचों और फसलों को भी बहुत नुक़सान हुआ है। सरकार को इस आपदा के प्रभावितों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की अवश्यकता है। अपने लोगों के इस पुनर्वास में हम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सभी मंडियों से सेब के बिक्री में बागवानों को अपने उत्पाद बेचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बागवानों के साथ कांग्रेस के विधायक नेता और मंत्री भी सरकार के फैसले की आलोचना कर रहे हैं। इसलिए सरकार बागवानों के हितों को ध्यान में रखकर रास्ता निकाले, जिससे बागवानों और किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि सरकार हर बाढ़ प्रभावित तक जल्दी से जल्दी पहुंचे और उनकी हर संभव सहायता करे, जिससे उनका जीवन फिर से पटरी लौट सके।

By admin

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