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मंडी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर अपने विधानसभा क्षेत्र सराज पहुंचे और बाढ़ से हुए नुक़सान का जायज़ा लिया। इस दौरान वह बाढ़ पीड़ितों से भी मिले। उन्होंने कहा कि इतिहास का यह सबसे बड़ा नुक़सान है। आधा थुनाग बाज़ार बर्बाद हो गया है। लोगों के मकान-दुकान पूरी तरह से तहत-नहस हो गए हैं। लोगों को अपने घरों और दुकानों से कुछ निकालने का मौक़ा तक नहीं मिला। लोगों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है लेकिन चार दिन हो गये प्रशासन का कोई ज़िम्मेदार अधिकारी मौक़े तक नहीं गया है। लैंड स्लाइड से बूंग रेल चौक पंचायत और जंजैहली के छह गांव पूरी तरह से ख़ाली हो गये हैं। एक हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गये हैं लेकिन उनका हाल लेने कोई नहीं पहुंचा। आपदा के मौक़े पर भी सरकार भेदभाव के साथ काम कर रही हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इतने बुरे हालात में भी सरकार ने लोगों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इतना बड़ी तबाही के बाद भी सरकार भेदभाव के साथ काम कर रही है। चार दिन हो गये, लेकिन मौक़े पर एसडीएम नहीं पहुंचा है। चारों तरफ़ बर्बादी ही बर्बादी है और पीडब्ल्यूडी एक्सिएन और बाक़ी अधिकारी नहीं है। बिजली पूरी तरह से गुल है,‌ लेकिन बिजली के अधिकारी नहीं है। पानी की सप्लाई बंद हैं, पाइपें बह गई हैं और जल शक्ति विभाग के अधिकारी अभी तक मौक़े पर नहीं पहुंचे हैं। मंगलवार को उनके आने की सूचना के बाद राजस्व विभाग का एक अधिकारी आया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह बहुत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ऐसा इसलिए है कि यह क्षेत्र विपक्ष के नेता का है। इसलिए यहां पर किसी तैनाती नहीं की जा रही है। सरकार आपदा में भी इस तरह का बर्ताव कर रही है। उनके साथ बीजेपी के प्रदेश कार्यकारी समिति सदस्य गुलज़ारी लाल, चमन लाल, टीकम, कमल राणा और ख़ेम दासी समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।
छह गांव हुए ख़ाली, एक हज़ार लोगों ने दूसरी जगह ली शरण
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सराज विधानसभा में अभी भी बूंग रेल चौक पंचायत, जंजैहली के रेशन, क़दवाड़, भाटकी, बूंग और व्योड़ को बारिश की वजह से ख़तरा बना हुआ है। यह सभी छह गांव धंस रहे हैं। संगलवाड़ा पंचायत के अन्तर्गत नाउर, मटोट गांव के आस-पास भी लैंड स्लाइड हो रहा है। इस कारण गांव के लोगों ने गांव ख़ाली कर दिये हैं और रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। इन सभी गांवों के लगभग एक हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गये हैं। लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी हैं।
राहत कार्य में तेजी लाएं अधिकारी
जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों के घरों में दस-दस फीट तक मिट्टी भरी पड़ी है। इसलिए अधिकारी राहत कार्यों में तेज़ी लाए और जल्दी से जल्दी बाढ़ पीड़ितों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट बाढ़ में आई लकड़ी को उठाने में हीलाहवाली कर रही है। सिर्फ़ एक कटर के सहारे लकड़ियां हटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सब कुछ बंद करने में ख़ुशी मिलती हैं, लेकिन मेहरबानी करके आपदा में इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए। आपदा में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव के कार्य करने चाहिए। इसके लिए ऐसा मैकेनिज्म बनाना चाहिए, जिससे लोगों को ज़रूरी साजों-सामान आपदा में फंसे लोगों तक पहुंचाया जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऐसी आपदा में बिना किसी भेदभाव के आपदा प्रभावितों को मदद पहुंचानी चाहिए।

By admin

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