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ऊना। हिमाचल प्रदेश पुलिस राज्य में अवैध खनन तथा मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है। इसके तहत पिछले करीब 5 माह के दौरान प्रदेशभर में अवैध खनन करने वालों के 2156 चालान कर एक करोड़ 54 लाख 64 हजार 670 रुपए जुर्माना वसूला गया है। अवैध खनन के 563 मामले न्यायालय में पेश किए गए हैं तथा 101 वाहन जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई के तहत ऊना जिला में उपरोक्त अवधि के दौरान अवैध खनन के 272 चालान कर 22 लाख 56 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। वहीं, 16 मामले न्यायालय में भेजने के साथ-साथ 12 वाहन जब्त किए गए हैं। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने ऊना में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान थी।
डीजीपी ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा गत वर्ष दिसंबर 2022 तक 1517 मामले पकड़े गए हैं। इसमें 2216 व्यक्ति हिरासत में लिए गए हैं, जिनमें 2212 भारतीय तथा 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें 84 मामले ऊना जिला से संबंधित हैं तथा 125 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस वर्ष अप्रैल 2023 तक 881 मामले पकड़े गए हैं। इसमें 1195 व्यक्ति हिरासत में लिए गए हैं, जिसमें 1194 भारतीय तथा एक विदेशी नागरिक शामिल हैं।
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए किए जा रहे चालानों के माध्यम से प्रत्येक सप्ताह में लगभग 10 लाख रुपए का जुर्माना वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जेलों में 2400 कैदियों की क्षमता के स्थान पर 3000 से अधिक कैदी इन जेलों में बंद है, जिनमें 40 प्रतिशत से अधिक कैदी केवल मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों से संबंधित हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ महिलाओं को बच्चों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा गत 2 वर्षों के दौरान महिलाओं व बच्चों से संबंधित 4000 केस पकड़े गए हैं।
संजय कुंडू ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था में सुधार तथा नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कड़े कदमों की बदौलत प्रदेश में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई हैं। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 19 मई 2022 के दौरान हुई 910 सड़क दुर्घटनाओं की तुलना में इस वर्ष 1 जनवरी से 19 मई 2023 के दौरान 850 सड़क दुर्घटनाएं हुई है। इस प्रकार उपरोक्त अवधि के दौरान वर्ष 2022 के दौरान 391 की तुलना में वर्ष 2023 में 312 सड़क दुर्घटनाओं के कारण मृत्यु तथा 1482 की तुलना में 1192 लोग घायल हुए हैं, जो कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना दर के सुधार की दिशा में एक बेहतर संकेत है। संजय कुंडू ने बताया कि कुल मृत्यु का 19 प्रतिशत कारण सड़क दुर्घटना है।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध खनन रोकने को सभी कड़े कदम उठा रही पुलिस
संजय कुंडू ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा निर्देश अनुसार हिमाचल प्रदेश पुलिस सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के अलावा मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध खनन जैसे गैर कानूनी कामों के प्रति सभी कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने मीडिया के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की है कि वे इन सभी महत्वपूर्ण व संवेदनशील विषयों बारे आमजन को शिक्षित व जागरूक बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
उधर, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट मैहतपुर में स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों द्वारा माल ढुलाई के विषय में किए जा रहे विरोध में संजय कुंडू ने कहा कि इस प्लांट से ढुलाई का कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। यहां से की जाने वाली एलपीजी आपूर्ति हिमाचल प्रदेश के अलावा लेह लद्दाख सहित अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में सेना को भी की जाती है। उन्होंने बताया कि मैहतपुर बॉटलिंग प्लांट में एलपीजी ढुलाई से संबंधित कार्य को पुलिस द्वारा पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जा रही है तथा इस कार्य में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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